सतना/खजुराहो: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में सबसे युवा राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी अपने सगे भाई अनिल बागरी की गांजा तस्करी में गिरफ्तारी के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आईं और सवालों पर बुरी तरह से झल्ला गईं। खजुराहो में कैबिनेट की बैठक के बाद महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर से बाहर निकलते समय, जब पत्रकारों ने उनसे इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी, तो मंत्री ने गुस्से में उन्हें फटकार लगाई।
गांजा तस्करी पर सवाल, मंत्री हुईं तमतमा
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घटनास्थल: महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर, खजुराहो।
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सवाल: मीडियाकर्मियों ने नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से हाल ही में उनके भाई अनिल बागरी की 46 किलो गांजा तस्करी के आरोप में सतना में हुई गिरफ्तारी पर सवाल पूछा।
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गुस्से में प्रतिक्रिया: ‘गांजा तस्करी’ का जिक्र आते ही मंत्री ने तल्ख लहजे में पत्रकारों को फटकारते हुए कहा, “जबरदस्ती की बात क्यों करते हो तुम लोग?” इसके बाद वह बिना किसी अन्य सवाल का जवाब दिए गुस्से में आगे बढ़ गईं। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है।
मंत्री का परिवार विवादों में
मंत्री प्रतिमा बागरी का परिवार लगातार आपराधिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है:
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भाई और जीजा गिरफ्तार: सतना पुलिस ने मंत्री के भाई अनिल बागरी और उसके साथी को गांजा तस्करी करते गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि अनिल अपने जीजा शैलेंद्र सिंह (मंत्री के बहनोई) के साथ मिलकर यह नशे का कारोबार चला रहा था। जीजा-साले दोनों ही इस समय जेल में हैं।
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राजनीतिक साख पर बट्टा: अनिल बागरी की गिरफ्तारी के बाद, विपक्षी कांग्रेस पार्टी मंत्री पर राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए सरकार पर हमलावर है।
विपक्ष का तीखा हमला
एमपी कांग्रेस ने सोशल मीडिया (एक्स) पर पोस्ट करके सरकार पर जमकर निशाना साधा:
“तस्करी के आरोप में गिरफ्तार भाई का प्रश्न पूछने पर मीडिया पर झल्लाती ‘मंत्री साहिबा’ का गुस्सा देखिए! मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों के रिश्तेदार अब खुलेआम तस्करी में पकड़ा रहे हैं!… यह गिरफ्तारी बताती है कि भाजपा की सरकार में मंत्रियों के रिश्तेदार किस तरह काले काम कर रहे हैं!”
कौन हैं प्रतिमा बागरी?
प्रतिमा बागरी सतना जिले की रैगांव (आरक्षित) सीट से विधायक हैं। 2023 के चुनाव में कांग्रेस की पूर्व विधायक कल्पना वर्मा को 36,060 वोटों से हराकर वह डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री बनी थीं।










