मैहर (अमरपाटन)। मैहर जिले में ऑटो रिक्शा के जरिए यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाने वाले एक अंतर-जिला गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। अमरपाटन थाना पुलिस ने सिवनी जिले की निवासी माँ-बेटी और उनके सहयोगी ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 4 लाख रुपये के सोने के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल ऑटो जब्त किया गया है। शनिवार को रिमांड खत्म होने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

न्यूज़ हेडलाइंस
-
शातिर तरीका: सवारी बनकर ऑटो में बैठती थीं मां-बेटी; नजर चूकते ही बैग से साफ कर देती थीं पर्स।
-
बड़ी बरामदगी: 28 ग्राम सोने के आभूषण (कंगन, चेन, मंगलसूत्र) और 2 लाख का ऑटो जब्त।
-
CCTV से खुला राज: ट्रैफिक नंबर ‘194’ के सुराग ने पुलिस को आरोपियों तक पहुँचाया।
-
आरोपी: सिवनी निवासी सविता (50), वंदना (30) और मैहर का ऑटो चालक प्रभाकर (21) गिरफ्तार।
वारदात की कहानी: “फोन का बहाना और गायब हुए जेवर”
यह पूरा मामला 11 मार्च को शुरू हुआ, जब कठहा निवासी साधना तिवारी अपनी बेटी के साथ रीवा से अमरपाटन पहुँची थीं।
-
जाल में फंसाया: घर जाने के लिए वे एक ऑटो में सवार हुईं, जिसमें पहले से दो महिलाएं (आरोपी माँ-बेटी) बैठी थीं।
-
साजिश: रास्ते में धमना गांव के पास ऑटो चालक प्रभाकर ने फोन आने का नाटक किया और सवारी को बीच रास्ते में ही उतार दिया।
-
चोरी का अहसास: जब महिला घर पहुँची, तो उनके बैग की चेन खुली थी और अंदर रखा कीमती गहनों वाला पर्स (सोने के कंगन, अंगूठी, दो चेन, मंगलसूत्र आदि) गायब था।
ट्रैफिक नंबर ‘194’ ने दिलाया न्याय
थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक ऑटो संदिग्ध लगा, जिसका ट्रैफिक नंबर 194 स्पष्ट दिखाई दे रहा था। इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने 24 मार्च को घेराबंदी कर ऑटो को पकड़ा, जिसमें चालक और दोनों महिलाएं मौजूद थीं।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
-
सविता सेंडे (50 वर्ष): निवासी जिला सिवनी (माँ)
-
वंदना सेंडे (30 वर्ष): निवासी जिला सिवनी (बेटी)
-
प्रभाकर कुशवाहा (21 वर्ष): निवासी उदयपुर, मैहर (ऑटो चालक)
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए सभी आभूषण बरामद कर लिए हैं। माँ-बेटी को 5 दिन की रिमांड के बाद शनिवार को न्यायालय में पेश कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहना
इस सफल कार्रवाई में एसआई सुशील तिवारी, प्रधान आरक्षक विजय शर्मा, रीता सिंह, लक्ष्मी पटेल और आरक्षक सुरजीत सिंह सहित पूरी टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गैंग ने मैहर और आसपास के जिलों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।








