इंदौर/भोपाल। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Isreal-Iran-US Conflict) की आग ने मध्य प्रदेश के शेयर बाजार निवेशकों की झोली जला दी है। प्रदेश के करीब 56 लाख रिटेल निवेशकों का पोर्टफोलियो पूरी तरह लाल निशान में समा गया है। सबसे ज्यादा मार उन छोटे निवेशकों पर पड़ी है, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई ‘स्मॉलकैप’ शेयरों में लगा रखी थी। बाजार में आए इस भूचाल के बाद अब एमपी के निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।

स्मॉलकैप निवेशकों को 40% का ‘करंट’
बाजार के जानकारों के अनुसार, इस गिरावट ने अलग-अलग सेगमेंट के निवेशकों को अलग-अलग स्तर पर चोट पहुंचाई है:
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स्मॉल-कैप (Small-Cap): सबसे ज्यादा प्रभावित। रिटेल निवेशकों का पसंदीदा यह क्षेत्र 25% से 40% तक टूट चुका है।
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लार्ज-कैप (Large-Cap): यहां गिरावट 12% से 15% के बीच है, जिसे तुलनात्मक रूप से सुरक्षित माना जा रहा है।
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मिड-कैप (Mid-Cap): औसत जोखिम वाले इन पोर्टफोलियो में 15% की सेंध लगी है।
मिडिल ईस्ट का तनाव और ‘वेल्थ’ का नुकसान
बाजार एक्सपर्ट नरेश विजयवर्गीय और कुमार राठौर के मुताबिक, इस तबाही की मुख्य वजह मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता युद्ध का खतरा है। अनिश्चितता के इस माहौल में विदेशी और घरेलू निवेशक ‘जोखिम’ (Equity) से पैसा निकालकर सुरक्षित संपत्तियों की ओर भाग रहे हैं। मध्य प्रदेश में 35 से 50 साल की उम्र वाले ऐसे लाखों निवेशक हैं जिनका औसत पोर्टफोलियो 10 से 25 लाख रुपये के बीच है, और उन्हें इस गिरावट में लाखों का फटका लगा है।
‘सेफ हेवन’ बना सराफा बाजार
शेयर बाजार से भरोसा डगमगाते ही इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के सराफा बाजारों में भीड़ बढ़ गई है।
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सोना-चांदी: निवेशक अब इक्विटी के बजाय सोने और चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे इनकी कीमतों में उछाल की संभावना बढ़ गई है।
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खरीदारी का मौका: हालांकि, कुछ अनुभवी निवेशक इस गिरावट को ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) के अवसर के रूप में देख रहे हैं और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों को निचले स्तर पर जमा कर रहे हैं।
एमपी के निवेशकों का प्रोफाइल (एक नजर में)
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कुल निवेशक: ~56 लाख (जुलाई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार)।
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प्रमुख क्षेत्र: इंदौर, भोपाल और टियर-2/टियर-3 शहर।
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प्रभाव: 70% निवेश छोटे शहरों से आ रहा है, जो अब सीधे तौर पर प्रभावित है।
एक्सपर्ट टिप: क्या करें निवेशक?
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पैनिक सेलिंग न करें: डर में आकर घाटे में शेयर न बेचें।
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एसेट एलोकेशन: अपना पूरा पैसा एक जगह न रखें, सोने और डेट फंड में भी निवेश बांटें।
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फंडामेंटल चेक करें: केवल उन्हीं कंपनियों में बने रहें जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत है।








