मैहर (मध्य प्रदेश):17 दिसंबर की शाम मैहर के अमरपाटन रोड स्थित पहाड़ी गांव के पास हुई हैवानियत के तीनों आरोपियों— विमलेश कोल, अजय कोल और मनीष कोल— को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपियों ने भागने की पूरी कोशिश की, लेकिन मैहर पुलिस की साइबर टीम और सर्च ऑपरेशन के आगे उनकी चाल फेल हो गई।
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1. मोबाइल लोकेशन बनी काल
वारदात के बाद आरोपी रामनगर थाना क्षेत्र के जंगलों में छिप गए थे। वे जानते थे कि पुलिस उनकी तलाश कर रही है, इसलिए उन्होंने अपने फोन बंद कर रखे थे।
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पकड़े जाने की वजह: सोमवार को जंगल में छिपे एक आरोपी ने अपने किसी परिचित को फोन करने के लिए जैसे ही मोबाइल चालू किया, पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली।
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सर्च ऑपरेशन: लोकेशन मिलते ही मैहर और रामनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने घने जंगल में घेराबंदी की और तीनों को दबोच लिया।
2. आरोपियों का आपराधिक इतिहास
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विमलेश कोल (मुख्य आरोपी): निवासी वंशीपुर। पुलिस के अनुसार विमलेश एक शातिर अपराधी है और पहले भी नादन देहात थाना क्षेत्र में हुई एक लूट के मामले में जेल जा चुका है।
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सह-आरोपी: अजय कोल और मनीष कोल, दोनों निवासी भरौली।
3. आपत्तिजनक वीडियो बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
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साइबर जांच: आरोपियों के मोबाइल की शुरुआती जांच में घटना से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो मिला है।
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साक्ष्य रिकवरी: आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई फोटो और वीडियो डिलीट कर दिए थे, जिन्हें अब साइबर सेल की मदद से रिकवर किया जा रहा है ताकि कोर्ट में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें।
4. पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मैहर एसपी के निर्देशन में गठित चार विशेष टीमों ने लगातार दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों (सीडीआर और लोकेशन) और मुखबिरों की सूचना के आधार पर इस ब्लाइंड केस को कुछ ही घंटों में सुलझा लिया गया।
गिरफ्तारी का विवरण: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| आरोपियों के नाम | विमलेश कोल, अजय कोल और मनीष कोल |
| गिरफ्तारी का स्थान | रामनगर के घने जंगल |
| पकड़े जाने का आधार | मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग |
| बरामदगी | बाइक, मोबाइल और आपत्तिजनक वीडियो |
| प्रमुख आरोपी का रिकॉर्ड | विमलेश कोल (पूर्व में लूट का आरोपी) |








