इंदौर। गेल (GAIL) द्वारा उद्योगों को मिलने वाला डिस्काउंट खत्म किए जाने के बाद इंदौर के औद्योगिक क्षेत्रों में खलबली मच गई है। 1 मार्च 2026 से लागू हुई नई दरों और पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) के तनावपूर्ण हालात ने गैस आपूर्ति के समीकरण बिगाड़ दिए हैं।

क्यों बढ़े दाम और क्या है वर्तमान स्थिति?
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डिस्काउंट खत्म: गेल इंडिया ने कमर्शियल सप्लाई पर मिलने वाली छूट बंद कर दी है, जिससे कीमतें 18 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई हैं।
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सप्लाई रूट में बदलाव: अवंतिका गैस लिमिटेड के अनुसार, कतर से सप्लाई बाधित होने के कारण अब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से गैस मंगवाई जा रही है। लंबा रास्ता होने के कारण लागत बढ़ गई है।
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फोर्स मेजर (Force Majeure): कंपनी ने खाड़ी के हालातों को ‘नियंत्रण से बाहर’ बताते हुए अनुबंध की शर्तों में बदलाव की सूचना दी है।
उद्योगों के सामने ‘दोहरी मुसीबत’
इंदौर के करीब 350 उद्योगों (सांवेर रोड, पालदा और पोलोग्राउंड) के लिए यह स्थिति किसी झटके से कम नहीं है:
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सख्ती का असर: पिछले दो सालों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के कारण अधिकांश उद्योगों ने कोयले या अन्य ईंधनों को छोड़कर महंगे गैस बायलर लगवाए थे।
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विकल्पहीनता: अब जबकि गैस महंगी हो गई है और भविष्य में इसकी उपलब्धता पर भी संशय है, उद्योगों के पास वापस पुराने ईंधन पर लौटने का विकल्प कानूनी रूप से बंद है।
नगर निगम की गैस आपूर्ति बंद
भुगतान के संकट के बीच अवंतिका गैस लिमिटेड ने इंदौर नगर निगम को बड़ा झटका दिया है। लंबे समय से बकाया भुगतान न होने के कारण निगम के वाहनों को दी जाने वाली गैस सप्लाई रोक दी गई है। कंपनी अब बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है।
घरेलू ग्राहकों को राहत और हेल्पलाइन
राहत की बात यह है कि घरेलू पीएनजी (Domestic PNG) उपभोक्ताओं के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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हेल्पलाइन नंबर: किसी भी इमरजेंसी या जानकारी के लिए कंपनी ने 7509275091 जारी किया है।
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उपभोक्ता आधार: शहर में करीब 1 लाख घरेलू ग्राहक हैं, जबकि 500 कमर्शियल (होटल, हॉस्टल) और 350 औद्योगिक कनेक्शन हैं।
इंदौर में गैस की खपत का गणित (प्रतिदिन)
| श्रेणी | ग्राहक संख्या | औसत खपत |
| घरेलू PNG | 1,00,000 | 30,000 किलो |
| वाहन (CNG) | – | 1,25,000 किलो |
| कमर्शियल PNG | 500 | – |
| उद्योग | 350 | – |








