इंदौर (मध्य प्रदेश):इंदौर जिला आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 1 करोड़ 57 लाख रुपये की बियर को नष्ट कर दिया है। महू के पास सिमरोल स्थित ‘माउंट एवरेस्ट ब्रेवरेज लिमिटेड’ के कैंपस में तीन दिनों तक चले इस अभियान में लाखों बोतलों को फोड़कर नालियों में बहा दिया गया।
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क्यों उठाया गया यह बड़ा कदम?
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण बियर की ‘एक्सपायरी डेट’ (Validity) का निकल जाना था।
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छह महीने की सीमा: नियमानुसार बियर बनाने की तारीख से 6 महीने तक ही उपभोग के लिए सुरक्षित मानी जाती है।
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डिमांड की कमी: यह स्टॉक मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली और असम जैसे राज्यों में भेजा जाना था। लेकिन संबंधित राज्यों से समय पर मांग (Demand) नहीं आई और बियर फैक्ट्री के गोदाम में रखी-रखी 6 महीने से अधिक पुरानी हो गई।
तीन दिनों तक चला ‘नष्टीकरण’ अभियान
आबकारी अधिकारी देवेश चतुर्वेदी के अनुसार, यह कार्रवाई 10 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक चली:
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कुल मात्रा: लगभग 2,31,540 लीटर (2.5 लाख लीटर के करीब) बियर नष्ट की गई।
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बड़ी संख्या: कुल 23,154 पेटियों पर रोड रोलर चलाया गया।
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निरीक्षण: कार्रवाई के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक तिवारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
आबकारी विभाग की सख्ती
आबकारी विभाग एक्सपायर हो चुके स्टॉक को लेकर बेहद सख्त रहता है। यदि यह बियर नष्ट नहीं की जाती, तो इसके अवैध रूप से बाजार में बिकने का खतरा बना रहता, जिससे पीने वालों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर (फूड पॉइजनिंग) पड़ सकता था। यही वजह है कि विभाग ने भारी वित्तीय नुकसान के बावजूद इसे नष्ट करना बेहतर समझा।
इंदौर बियर नष्टीकरण: एक नजर में
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
| कुल पेटियां | 23,154 |
| कुल मात्रा | 2.5 लाख लीटर (लगभग) |
| बाजार मूल्य | ₹1.57 करोड़ |
| स्थान | सिमरोल (माउंट एवरेस्ट ब्रेवरेज लिमिटेड) |
| कारण | 6 माह की अवधि (Expiring) समाप्त होना |








