सतना/मैहर: मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में लापरवाही और अनुशासनहीनता के दो हैरान कर देने वाले मामले सामने आए हैं। सतना और नवगठित मैहर जिले में एक तरफ महिला शिक्षिका की जगह उनके पति बच्चों को पढ़ाते हुए पकड़े गए, तो दूसरी तरफ एक हेडमास्टर सड़क किनारे नशे में धुत बेसुध पड़े मिले। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कंचन श्रीवास्तव ने दोनों शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया।
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शिक्षिका की जगह पति ले रहा था क्लास (मैहर)
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स्थान: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिनौती, रामनगर विकासखंड, मैहर जिला।
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आरोपी: सहायक शिक्षिका सरिता त्रिपाठी।
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शिकायत: शिक्षिका अपनी संस्कृत की कक्षाएँ खुद लेने के बजाय अपने पति रोहणी प्रसाद त्रिपाठी को स्कूल भेज देती थीं। जब शिक्षिका स्कूल आती भी थीं, तो छात्रों को ‘कुंजी’ से रटने को कहती थीं।
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कार्रवाई: संकुल प्राचार्य की जांच में पति द्वारा अवैध रूप से अध्यापन कराने की पुष्टि हुई। डीईओ ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सरिता त्रिपाठी को निलंबित कर दिया और उन्हें विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मैहर में अटैच किया।
हेडमास्टर नशे में बेसुध सड़क किनारे मिले (सतना)
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स्थान: शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुरेही, मझगवां विकासखंड, सतना।
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आरोपी: प्रभारी प्रधानाध्यापक जयलाल दिनकर।
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घटना: 24 नवंबर को उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे सड़क किनारे बेसुध पड़े दिखाई दिए।
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सफाई और झूठ: दिनकर ने नोटिस मिलने पर सीने में दर्द से गिरने का बहाना बनाया और 25 नवंबर तक अस्पताल में भर्ती रहने का दावा किया।
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जांच में खुलासा: डीईओ द्वारा मेडिकल दस्तावेजों की जांच कराने पर उनकी बात झूठी निकली। डॉक्टर की रिपोर्ट में सीने के दर्द की बजाय उन्हें “क्रोनिक अल्कोहलिक” (पुराने शराबी) के रूप में दर्ज किया गया।
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कार्रवाई: नशे की हालत में पाए जाने की पुष्टि होने पर जयलाल दिनकर को निलंबित कर बीईओ कार्यालय मझगवां से अटैच कर दिया गया।
डीईओ की इन सख्त कार्रवाइयों से जिले के लापरवाह शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।








