इंदौर (मध्य प्रदेश): पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और अत्याचार की गूँज अब मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की सड़कों पर सुनाई दे रही है। पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में आज इंदौर में एक विशाल ‘जन आक्रोश रैली’ निकाली गई। इस रैली की खास बात यह रही कि इसमें शामिल हजारों नागरिक काले वस्त्र पहनकर विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।

बड़ा गणपति से राजवाड़ा तक ‘भगवा और तिरंगे’ का सैलाब
रैली का आगाज शहर के प्रसिद्ध बड़ा गणपति चौराहा से हुआ। यहाँ से हजारों की संख्या में लोग पैदल मार्च करते हुए राजवाड़ा की ओर बढ़े।
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दृश्य: प्रदर्शनकारियों के हाथों में एक ओर जहाँ भगवा ध्वज लहरा रहे थे, वहीं दूसरी ओर तिरंगे के साथ विरोध दर्ज कराती तख्तियां थीं।
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माहौल: ढोल-ताशों की गर्जना और गगनभेदी नारों के बीच इंदौरवासियों ने बांग्लादेशी हिंदुओं के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई।
“शहर से बाहर हों बांग्लादेशी” – आकाश विजयवर्गीय
रैली का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कड़े शब्दों में बांग्लादेश में हो रही घटनाओं की निंदा की। उन्होंने मांग उठाई कि:
“इंदौर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को चिन्हित कर तुरंत शहर से बाहर किया जाना चाहिए। राष्ट्र और धर्म की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।”
प्रियंका गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
आकाश विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की चुप्पी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा:
“जब फिलिस्तीन में हमले हो रहे थे, तब प्रियंका गांधी संसद में विरोध जताने पहुँच गई थीं। लेकिन आज जब बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों पर अत्याचार हो रहा है, माताओं-बहनों की अस्मत लूटी जा रही है, तब कांग्रेस के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा है। यह दोहरा मापदंड शर्मनाक है।”
देशभर में उठ रही विरोध की आवाज
बांग्लादेश की सत्ता पलटने के बाद वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिसके विरोध में पूरे भारत में प्रदर्शन जारी हैं। इंदौर की इस रैली ने एक बार फिर केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदायों का ध्यान इस ओर खींचने का प्रयास किया है कि हिंदू समाज अब शांत नहीं बैठेगा।








