इंदौर/सेंधवा। मुंबई से इंदौर लौट रही एक युवती के साथ हंस ट्रैवल्स की चलती बस में अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना की सूचना मिलते ही इंदौर में मौजूद युवती की मां ने रात के अंधेरे में करीब 150 किलोमीटर कार दौड़ाकर सेंधवा टोल नाका पहुंची और परिवार के साथ मिलकर आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
शर्मनाक घटनाक्रम: नशे में थे आरोपी
यह घटना 6 नवंबर की रात की है। इंदौर निवासी युवती गोरेगांव से हंस ट्रैवल्स की बस (AR-11 D-1919) में सवार थी। रात करीब 11:30 बजे कसारा फूड स्टॉप पर बस रुकी, तभी उसी ट्रैवल्स का एक और युवक बस में सवार हो गया। बस का ड्राइवर, क्लीनर और यह नया युवक नशे की हालत में थे।
बस आगे बढ़ने पर युवक ने अपर बर्थ पर लेटी युवती पर अश्लील टिप्पणियां शुरू कर दीं, जिसमें ड्राइवर और क्लीनर भी उसका साथ दे रहे थे। जब एक यात्री ने विरोध किया, तो तीनों आरोपियों ने उसे धमका दिया।
आधी रात को मां ने दिखाया साहस
डर और दहशत में आई युवती ने तुरंत आधी रात को इंदौर में अपनी मां को फोन कर पूरी घटना बताई। मां ने तुरंत लोकेशन ट्रेस की और बेटी से सेंधवा टोल नाके पर बस रुकवाने को कहा।
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150 किलोमीटर की दौड़: मां रात में ही परिवार को लेकर कार से रवाना हुई और करीब साढ़े तीन घंटे में सेंधवा टोल नाके पहुंच गई। रास्ते में ही पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी।
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आरोपियों को पकड़ा: सुबह 7 बजे जैसे ही बस सेंधवा पहुंची, परिवार ने पहले युवती को सुरक्षित उतारा। इसके बाद जब ड्राइवर, क्लीनर और मुख्य आरोपी किशोर सिंह नीचे उतरे, तो युवती ने परिजनों को अश्लील हरकतों के बारे में बताया। पकड़े जाने पर ड्राइवर तुरंत पैर पकड़कर माफी मांगने लगा, जबकि नशे में धुत मुख्य आरोपी परिवार से उलझता रहा।
कठोर कार्रवाई की मांग
शुरुआती शिकायत को हल्के में लिए जाने पर युवती ने पुलिस कमिश्नर और बड़वानी एसपी को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि इस शर्मनाक घटना को गंभीरता से लिया जाए और साधारण धाराओं की जगह कठोर धाराएं लगाई जाएं।
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सुमित्रा महाजन ने की बात: युवती की मां ने पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से बात की। कमिश्नर ने युवती को सेंधवा बुलाने के बजाय केस इंदौर में ही दर्ज करने के निर्देश दिए।
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बस ऑपरेटर्स को निर्देश: मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल बस ऑपरेटर्स की बैठक बुलाई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए। इसमें पैनिक बटन, ड्राइवर-क्लीनर का वेरिफिकेशन और बसों में निगरानी बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं।
ड्राइवर-क्लीनर की जमानत खारिज
10 नवंबर को राजेंद्र नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद केस सेंधवा पुलिस को भेजा गया। शुक्रवार को ड्राइवर और क्लीनर ने जमानत अर्जी लगाई, जिसका मराठी समाज ने एडवोकेट श्याम एकडी के माध्यम से अदालत में विरोध किया, जिसके बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। हालांकि, इस घटना का मुख्य आरोपी सरदार किशोर सिंह अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।








