आगर-मालवा (नलखेड़ा):भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर शुक्रवार सुबह आगर-मालवा जिले के विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे। शत्रुओं पर विजय और बाधाओं के नाश की देवी मानी जाने वाली मां बगलामुखी के दरबार में गंभीर का यह दौरा खेल जगत और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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एक घंटे तक चला विशेष पूजन और हवन
गौतम गंभीर ने मंदिर में करीब एक घंटे का समय बिताया और पूरी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान संपन्न किया:
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गर्भगृह में पूजन: मुख्य कोच ने मंदिर के गर्भगृह में मां बगलामुखी के दर्शन किए, जहाँ पुजारियों ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ उनसे पूजन संपन्न कराया।
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विजय के लिए हवन: मंदिर परिसर में उन्होंने विशेष हवन कुंड में आहुतियां दीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ किया गया हवन ‘शत्रु पराजय’ और ‘कार्य सिद्धि’ के लिए अचूक माना जाता है।
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इतिहास की जानकारी: मंदिर के पुजारी ने गंभीर को इस द्वापर कालीन मंदिर के ऐतिहासिक महत्व और पांडवों से जुड़ी कथाओं की जानकारी भी दी।
महाकाल की भस्म आरती में भी हुए शामिल
नलखेड़ा पहुँचने से पहले गौतम गंभीर उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दरबार भी पहुँचे थे:
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उन्होंने भोर में होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दर्शन किए।
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नंदी हॉल में बैठकर भगवान शिव की आराधना की और गर्भगृह में अभिषेक कर आशीर्वाद लिया।
इंदौर वनडे के लिए ‘आध्यात्मिक’ तैयारी
इंदौर के होल्कर स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला मुकाबला निर्णायक माना जा रहा है। गंभीर की यह धार्मिक यात्रा दर्शाती है कि वे न केवल मैदान पर रणनीति बनाने में विश्वास रखते हैं, बल्कि दैवीय आशीर्वाद को भी उतना ही महत्व देते हैं।
गौतम गंभीर का एमपी ‘भक्ति’ रूट
| गंतव्य | मुख्य गतिविधि | उद्देश्य |
| श्री महाकालेश्वर (उज्जैन) | भस्म आरती और अभिषेक | आध्यात्मिक शांति और मंगल कामना। |
| मां बगलामुखी (नलखेड़ा) | विशेष हवन और पूजन | टीम इंडिया की जीत और शत्रु (प्रतिद्वंदी) विजय। |








