सतना। मध्य प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। सतना विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर भाजपा नेता और पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी का निधन हो गया है। उन्होंने इलाज के दौरान दिल्ली एम्स (AIIMS) में अंतिम सांस ली। वे पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से सतना समेत पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

चार बार विधायक रहे ‘बाबू’ तिवारी
सतना में स्थानीय लोग शंकरलाल तिवारी को उनके लोकप्रिय नाम ‘बाबू‘ से पुकारते थे। तिवारी ने अपने राजनीतिक जीवन में सतना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। वह एक बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में और लगातार तीन बार भाजपा के टिकट पर विधायक रहे। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव रहा। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पहली बार हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद 2023 के चुनाव में उनकी टिकट काट दी गई थी।
मुख्यमंत्री समेत कई बड़े नेताओं ने जताया दुख
पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, “वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सतना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री शंकरलाल तिवारी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
- उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने तिवारी के निधन को दुखद बताते हुए लिखा कि ईश्वर पुण्यात्मा को मोक्ष गति प्रदान करें और इस अपार कष्ट की घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तिवारी के अवसान को भारतीय जनता पार्टी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सतना के विकास और संगठन के विस्तार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
शंकरलाल तिवारी के निधन को सतना की राजनीति और भाजपा संगठन के लिए एक बड़ी हानि माना जा रहा है।








