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प्याज की गिरती कीमतों ने रुलाया, किसानों ने शव यात्रा निकाल कर जताया विरोध, वीडियो वायरल

मध्यप्रदेश \मंदसौर : के धमनार गाँव से शुरू हुआ ये अनोखा प्रदर्शन यहाँ से निकलकर अन्य जिलों तक पहुंचेगा और इतना ही ...

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| सतना टाइम्स

मध्यप्रदेश \मंदसौर : के धमनार गाँव से शुरू हुआ ये अनोखा प्रदर्शन यहाँ से निकलकर अन्य जिलों तक पहुंचेगा और इतना ही नहीं ये पड़ोसी जिले नीमच, रतलाम सहित मालवा निमाड़ के अन्य जिलों तक पहुंच सकता है।

प्याज की कभी बढ़ती कीमतें किसानों को रुलाती हैं कभी गिरते भाव किसानों के आंसू निकालते हैं, मंदसौर में इन दिनों किसान गिरती कीमतों से परेशान हैं उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है आक्रोशित किसानों ने विरोध जताने का अनोखा तरीका निकाला और प्याज की शव यात्रा निकाली, बैंड बाजे के साथ निकली प्याज की शवयात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मंदसौर जिले के धमनार में किसानों ने प्याज के गिरते दामों के विरोध में अनोखा और भावनात्मक प्रदर्शन किया। लगातार लागत मूल्य भी न निकल पाने से आक्रोशित किसानों ने प्याज की शव यात्रा निकालकर अपनी पीड़ा को स्वर दिया। गांव में बैंड बाजे की धुन के साथ यह अनोखी शव यात्रा निकाली गई, जिसमें कई किसान शामिल हुए। किसानों का कहना है कि इतनी मेहनत और लागत के बाद भी उचित मूल्य न मिलना उनकी मजबूरी और दुख को बढ़ा रहा है। यह अनोखा विरोध कृषि संकट की गंभीरता और किसानों की विकट स्थिति को साफ दर्शाता है।

 

प्याज की गिरती कीमतों ने किसानों की आंख से निकाले आंसू 

प्याज की शव यात्रा निकाले जाने का यह कोई साधारण प्रदर्शन नहीं था, यह उन हजारों किसानों की तकलीफ और पुकार थी जो महीनों की मेहनत के बाद भी अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल पाने से दुखी हैं, मंदसौर, मालवा क्षेत्र में प्याज की पैदावार का बड़ा केंद्र है, इस बार भी किसानों ने उम्मीद के साथ खेतों में प्याज बोया था, लेकिन इस बार मंडी में प्याज लेकर पहुंचे तो किसानों के सपने चकनाचूर हो गए।

सड़क पर फेंकने को मजबूर हो रहे किसान  

प्याज का लागत मूल्य 15-20 रुपए किलो तक आ रहा है लेकिन मंडी में प्याज 2 से 8 रुपए किलो तक बिक रहा है, कई किसानों को तो 1-2 रुपए किलो से ज्यादा भाव भी नहीं मिला, व्यापारी इससे ज्यादा भाव में प्याज खरीदने के लिए तैयार नहीं हैं, नतीजा यह हुआ कि कई किसान ट्रक , ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर लाई प्याज सड़कों पर फेंकने पर मजबूर हो रहे हैं। इन हालातों से दुखी धमनार जिले की किसानों ने अपनी प्याज को मृत घोषित कर उसका शोक मनाया और शव यात्रा निकाली।

अनोखी शवयात्रा बनी चर्चा का विषय  

किसान एक जगह इकट्ठा हुए, जैसे किसी इंसान की मृत्यु के बाद उसकी अर्थी सजाई जाती है वैसी ही प्याज की अर्थी बनाई गई, प्याज को अर्थी पर रखने के बाद उसे फूलों से सजाया गया , इतना ही नहीं बैंड बाजे का इंतजाम भी किया गया, अर्थी के आगे एक किसान अग्नि लेकर चल रहा था और चार किसान अर्थी को कंधे पर उठाकर चल रहे थे, अर्थी में शामिल बैंड रघुपति राघव राजाराम की धुन बजा रहा था, शव यात्रा में शामिल लोग हमारी प्याज अमर रहे, जैसे नारों के साथ गाँव की सड़कों से कंधे पर रखकर निकले।

रीति रिवाज के साथ हुआ अंतिम संस्कार 

शवयात्रा गाँव के श्मशान घाट पहुंची वहां चिता सजाई गई और प्याज को उसपर रखकर एक किसान ने उसे मुखाग्नि दी, किसान वहां बैठे रहे और अंतिम क्रिया के संस्कार पूरे करते रहे, प्याज से निकला धुंआ किसानों की आँखों से आंसू बनकर बह रहा था, लोग अब इस शवयात्रा की चर्चा कर रहे हैं, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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