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मालवा में रेलवे का ‘ऑपरेशन विस्तार’: ₹350 करोड़ से बदलेगी तस्वीर; सिंहस्थ से पहले शुरू होंगी 32 नई ट्रेनें, इंदौर-उज्जैन बनेंगे मेगा हब

रतलाम/इंदौर (मध्य प्रदेश): मालवा के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट से निजात दिलाने के लिए रेलवे ...

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| सतना टाइम्स

रतलाम/इंदौर (मध्य प्रदेश): मालवा के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट से निजात दिलाने के लिए रेलवे ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत साल 2030 तक मालवा क्षेत्र में ट्रेनों के चलने की क्षमता को वर्तमान के मुकाबले दोगुना कर दिया जाएगा। मुख्य रूप से इंदौर, उज्जैन, लक्ष्मीबाई नगर और महू स्टेशनों पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹350 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है।

Ratlam relway

1. लक्ष्मीबाई नगर: इंदौर का नया ‘सैटेलाइट टर्मिनल’

इंदौर स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन को ₹259 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है।

  • बड़ा डिपो: यहाँ ट्रेनों के रखरखाव के लिए 5 नई पिट लाइन और 7 स्टेबलिंग लाइनें बनाई जा रही हैं।

  • फायदा: इससे रोजाना 15 नई ट्रेनों का मेंटेनेंस यहाँ संभव होगा, जिससे इंदौर से लंबी दूरी की नई ट्रेनें चलाना आसान हो जाएगा। यात्रियों के लिए यहाँ लिफ्ट, एस्केलेटर और नया स्टेशन भवन भी बनेगा।

2. उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारी

2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए उज्जैन स्टेशन की क्षमता में भारी इजाफा किया जा रहा है।

3. डॉ. अंबेडकर नगर (महू): मार्च 2026 की डेडलाइन

महू स्टेशन पर वर्तमान में प्लेटफॉर्म की लंबाई कम होने के कारण बड़ी ट्रेनें (24 कोच) चलाने में समस्या आती है।

आम यात्रियों को क्या मिलेंगे बड़े फायदे?

रेलवे के इस मेगा प्लान के पूरा होने पर यात्रियों को सीधे तौर पर ये लाभ होंगे:

  • नई ट्रेनें: दक्षिण भारत (बेंगलुरु, चेन्नई) और उत्तर भारत के लिए नई सुपरफास्ट और एसी ट्रेनें शुरू होंगी।

  • लेटलतीफी होगी खत्म: प्लेटफॉर्म खाली न होने के कारण ट्रेनों को आउटर पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

  • त्योहारों पर राहत: होली, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने के लिए अतिरिक्त स्पेस उपलब्ध होगा।

फैक्ट फाइल: मालवा रेल प्रोजेक्ट

  • कुल निवेश: ₹350 करोड़ से अधिक।

  • लक्ष्य: 2030 तक क्षमता दोगुनी करना।

  • नई ट्रेनों का स्कोप: कुल 32 नई ट्रेनों की क्षमता विकसित करना।

  • महत्वपूर्ण पड़ाव: सिंहस्थ 2028 और महू विस्तार 2026।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें