सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में कोदो (Kodo Millet) की रोटी खाने से दो अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में एक ही दिन सात लोग बीमार पड़ गए। सभी पीड़ितों को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें एक बुजुर्ग की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें सघन चिकित्सा इकाई (ICU) में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
मझगवां में 4 लोग गंभीर, एक ICU में
पहली घटना मझगवां ब्लॉक के म्यान सिंहपुर गांव की है:
-
पीड़ित: धनपत सिंह (70), जयकरण सिंह (30), गीता सिंह, और निर्मला सिंह।
-
घटनाक्रम: इन सभी ने भोजन में कोदो की रोटी खाई। रोटी खाने के लगभग आधे घंटे बाद ही उन्हें बेचैनी, चक्कर, लगातार उल्टियां होने लगीं और आंखों के सामने अंधेरा छा गया।
-
स्थिति: पड़ोसी तुरंत चारों को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने बताया कि धनपत सिंह (70) की हालत ज्यादा गंभीर है और उन्हें फिलहाल आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अन्य तीन सदस्यों का इलाज आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
नागौद में भी तीन लोग हुए बीमार
दूसरी घटना नागौद विकासखंड के इटौरा खुर्द गांव में हुई:
-
पीड़ित: राम भैया लोधी (70), रामपति लोधी (65), और एक अन्य महिला।
-
उपचार: तीनों को तुरंत नागौद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
-
रेफर: राम भैया लोधी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उनका उपचार मेल मेडिकल वार्ड में जारी है। अन्य दो महिलाओं की हालत सामान्य है।
सीएमएचओ ने बताया फंगस कारण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने इस घटना पर स्पष्टीकरण दिया है।
-
डॉ. शुक्ला के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों से बीच-बीच में ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।
-
कारण: उन्होंने बताया कि कोदो अनाज को जब कई दिनों तक स्टोर किया जाता है, तो उसमें फंगस (फफूंद) लग जाते हैं। इस फंगस लगे अनाज की रोटी खाने से ही यह विषाक्त असर शरीर में होता है।
-
वर्तमान स्थिति: उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति अब सामान्य है और उनका उपचार जारी है।








