सतना, मध्य प्रदेश: सतना जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक ढाबा संचालक और उसके साथियों ने नागौद SDOP के भाई के साथ कथित तौर पर गुंडागर्दी की। परिवार के साथ जा रहे SDOP के भाई को कार रोकने के एवज में 5,000 रुपये का ‘टैक्स’ मांगा गया और इनकार करने पर डंडों से बुरी तरह पीटा गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ढाबा मालिक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बाथरूम के लिए रोकी थी कार, मांगी गई ‘अड़ीबाजी’
यह घटना 22 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे सिविल लाइन थाना क्षेत्र के देवरा स्थित ‘मामा ढाबा’ के पास हुई। नागौद एसडीओपी रघु केशरी के भाई, रवि केशरी (36), अपनी कार से परिवार के साथ सतना से नागौद जा रहे थे। उन्होंने बाथरूम जाने के लिए ढाबे के पास कार रोकी। आरोप है कि तभी ढाबे का मालिक रवि सिंह आया और रवि केशरी से बहस करने लगा। रवि सिंह ने उनसे कहा कि कार यहां खड़ी करने और सही सलामत जाने के लिए उन्हें 5,000 रुपये देने होंगे, जिसे स्थानीय भाषा में ‘अड़ीबाजी टैक्स’ भी कहा जाता है।

रुपए देने से इनकार करने पर जानलेवा हमला
जब रवि केशरी ने यह ‘टैक्स’ देने से मना किया, तो आरोपी रवि सिंह ने अपने साथियों लक्की सिंह, सुनील और बालेन्द्र को बुला लिया। चारों आरोपियों ने मिलकर रवि केशरी पर डंडों से हमला कर दिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। इस हमले में रवि केशरी के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें नागौद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों को उनके सिर में तीन टांके लगाने पड़े।
पुलिस ने तत्काल चारों आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह परिहार के नेतृत्व में टीम गठित की गई और कुछ ही घंटों में सभी चार मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी ढाबा मालिक रवि उर्फ रविराज सिंह और उसके साथी लकी सिंह उर्फ पुष्पराज सिंह (दोनों निवासी देवरा), बालेन्द्र अहिरवार (निवासी कोठी) और सुनील प्रजापति (निवासी कौशाम्बी, यूपी) शामिल हैं। सभी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया है।








