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महाराष्ट्र से मैहर तक साइबर स्ट्राइक: ठाणे में हुई ₹9.90 लाख की ठगी का रामनगर कनेक्शन; पुलिस ने दो आरोपितों को दबोचा, गिरोह के कई सदस्य अब भी फरार

रामनगर (मैहर)। साइबर अपराध के बढ़ते जाल ने अब छोटे कस्बों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। महाराष्ट्र के ठाणे ...

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| सतना टाइम्स

रामनगर (मैहर)। साइबर अपराध के बढ़ते जाल ने अब छोटे कस्बों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले की पुलिस ने शुक्रवार को मैहर जिले के रामनगर में अचानक दबिश देकर ₹9.90 लाख के ‘डिजिटल फ्रॉड’ मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया है। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस इन आरोपितों तक पहुँची है। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • दबिश: ठाणे पुलिस की टीम ने रामनगर में की छापेमारी, दो संदिग्ध हिरासत में।

  • ठगी का तरीका: 26 फरवरी को हुई थी ₹9.90 लाख की ऑनलाइन धोखाधड़ी।

  • बैंक ट्रेल: ठगी की रकम रामनगर निवासी आसू खरे और अमित पटेल के खातों में की गई थी ट्रांसफर।

  • संगठित गिरोह: अलग-अलग खातों में पैसे बांटकर पुलिस को गुमराह करने की थी कोशिश।


कैसे हुआ ‘डिजिटल डकैती’ का खुलासा?

यह पूरा मामला 26 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब ठाणे के एक व्यक्ति के साथ करीब 10 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।

  1. शिकायत और FIR: पीड़ित ने 27 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई, जिस पर 28 फरवरी को ठाणे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

  2. पैसों का बँटवारा: साइबर सेल की जांच में सामने आया कि ठगी गई राशि को एक खाते में रखने के बजाय कई छोटे-छोटे हिस्सों में अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में भेजा गया।

रामनगर के खातों में पहुँचे ‘ठगी के पैसे’

पुलिस की जांच में चौंकाने वाले नाम सामने आए:


ठाणे पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

तकनीकी साक्ष्यों और बैंक डिटेल पुख्ता होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने रामनगर पहुँचकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश दी।

  • हिरासत: पुलिस ने बैंक खाताधारकों और संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूछताछ के लिए अपने साथ महाराष्ट्र ले गई है।

  • फरार आरोपित: सूत्रों के अनुसार, इस संगठित गिरोह के कुछ मुख्य सदस्य अभी भी फरार हैं, जो ग्रामीण युवाओं को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी के लिए करते थे।


खबर का सारांश 

  • ठगी की तारीख: 26 फरवरी 2026।

  • ठगी की राशि: ₹9,90,000।

  • दबिश का स्थान: रामनगर, जिला मैहर (मप्र)।

  • मुख्य संदिग्ध: आसू खरे और अमित पटेल।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें