इंदौर: इंदौर में साइबर अपराधियों ने एक प्रापर्टी व्यवसायी को क्रिप्टो करेंसी में निवेश और तगड़े मुनाफे का झांसा देकर ₹55 लाख की बड़ी चपत लगाई है। इस धोखाधड़ी का मुख्य सूत्रधार एमआईजी कॉलोनी निवासी बंटी शर्मा है, जो भाजपा नेताओं का करीबी बताया जा रहा है और फिलहाल फरार है।
यूएसडीटी खरीदवाकर लिंक से किया ट्रांसफर
एसपी (साइबर) सव्यसाची सराफ के मुताबिक, जगजीवन रामनगर निवासी प्रापर्टी व्यवसायी हितेश प्रधान अपनी जमीन बेचकर कार खरीदना चाहते थे, तभी उनकी मुलाकात बंटी शर्मा से हुई।
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झांसा: बंटी शर्मा ने हितेश प्रधान को अमेरिकी क्रिप्टो करंसी में निवेश की योजना बताई।
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ठगी का तरीका: साजिश के तहत, बंटी ने हितेश को ₹55 लाख में 65 हजार यूएसडीटी (क्रिप्टो टोकन) मुर्तजा शैफी से खरीदवा दी। मुर्तजा ने यह यूएसडीटी अपने साथी ताहिर से खरीदी थी।
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वालटे खाली: बाद में बंटी ने हितेश को यूएसडीटी चेक करने के बहाने एक क्वाइन आथेंटिकेटर की लिंक भेजी और सारी यूएसडीटी हितेश के ट्रस्ट वालेट से दूसरे वालेट में ट्रांसफर कर ली।
दो आरोपित गिरफ्तार, बंटी शर्मा फरार
राज्य साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को पकड़ लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता फरार है:
| आरोपित का नाम | स्थिति | निवास |
| मुर्तजा शैफी | गिरफ्तार | खातीवाला टैंक |
| ताहिर महूवाला | गिरफ्तार | बोहरा कॉलोनी, राऊ |
| बंटी शर्मा | फरार (मुख्य साजिशकर्ता, भाजपा नेताओं का करीबी) | एमआईजी कॉलोनी |
निरीक्षक अंजू पटेल के मुताबिक, क्रिप्टो करंसी खरीदने के लिए ‘ट्रस्ट वालेट’ एक मोबाइल एप है, जिसका फायदा उठाकर यह ठगी की गई। पुलिस फरार आरोपित बंटी शर्मा की तलाश कर रही है।









