प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल का सख्त बयान: “कानून से ऊपर कोई नहीं” | विपक्ष ने मांगा राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का इस्तीफा
प्रमुख घटनाक्रम
मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी को गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में गिरफ्तार किया गया। सतना पुलिस ने अनिल बागरी और उसके दो सहयोगियों के पास से 46 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी बाज़ार कीमत 9 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल का सख्त रुख
रीवा दौरे पर पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल को मीडिया और विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में इस संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी करने से बच रहे पटेल ने बाद में सरकार का स्पष्ट रुख सामने रखा।
प्रभारी मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा:
“कानून के सामने कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं होता। सरकार ने पुलिस और प्रशासन को साफ निर्देश दिए हैं कि कानून का पालन पूरी निष्पक्षता के साथ किया जाए। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद, पार्टी या परिवार से जुड़ा हो।”
यह बयान स्पष्ट करता है कि सत्ताधारी पार्टी इस मामले में किसी भी तरह का संरक्षण नहीं देगी।
कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
-
गिरफ्तारी: राज्यमंत्री के भाई अनिल बागरी, सहयोगी पंकज सिंह, और बहनोई शैलेंद्र सिंह (जो पहले 3 दिसंबर को यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था) के खिलाफ यह नेटवर्क चलाने का आरोप है।
-
धाराएं: पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
-
न्यायिक हिरासत: आरोपियों को फिलहाल 19 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इसे एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा मान रही है और जांच जारी है।
विपक्ष हमलावर, मांगा इस्तीफा
इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला तेज कर दिया है।
-
विपक्ष की मांग: कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को नैतिकता से जुड़ा बताते हुए सीधे तौर पर राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के इस्तीफे की मांग की है।
-
कांग्रेस प्रवक्ता: उनका कहना है कि इतने गंभीर मामले में राजनीतिक जिम्मेदारी तय न होना जनता के विश्वास के साथ धोखा होगा।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस की जांच गहराई से जारी है, लेकिन इस घटना ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गर्म कर दिया है। आगामी दिनों में पुलिस की जांच के नतीजे तय करेंगे कि यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना तक सीमित रहता है या राजनीतिक स्तर पर कोई बड़ा रूप लेता है।









