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जमीन विवाद में ‘खूनी खेल’: अशोकनगर में पिता, भानेज और बेटे की हत्या; दहशत में अंतिम संस्कार से ग़ायब रहे रिश्तेदार-ग्रामीण!

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में जमीन के एक पारिवारिक विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें तीन लोगों ...

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| सतना टाइम्स

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में जमीन के एक पारिवारिक विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जिले के राजपुर चौकी अंतर्गत ग्राम करैया बनेट में दो सगे भाइयों के बीच पिता की जमीन जोतने को लेकर हुए विवाद में पिता, एक बेटा और भानेज (भतीजा/बहन का बेटा) की जान चली गई।

घटना के बाद गाँव में मातम पसरा है और दहशत के कारण मृतकों के अंतिम संस्कार में कोई भी रिश्तेदार या ग्रामीण शामिल नहीं हुआ, जिससे पुलिस की मौजूदगी में ही शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

क्या था पूरा मामला?

  • विवाद का केंद्र: ग्राम करैया बनेट।
  • विवादित पक्ष: सगे भाई राजमहेंद्र यादव और कृष्णभान यादव।
  • जमीन: उनके पिता खिलान यादव की जमीन को जोतने को लेकर विवाद हुआ।
  • घटना: बुधवार दोपहर को दो भाइयों के बीच हुए खूनी संघर्ष में तीन परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

तीन लोगों की मौत

इस पारिवारिक संघर्ष में कुल तीन लोगों की मौत हुई:

  1. खिलान यादव (पिता): घटना स्थल पर ही मौत।
  2. पवन यादव (भानेज): घटना स्थल पर ही मौत।
  3. कृष्णभान यादव (छोटा बेटा): संघर्ष में घायल होने के बाद भोपाल ले जाते समय देर रात रास्ते में दम तोड़ दिया।

दोनों पक्षों से कुल 5 लोग इस संघर्ष में घायल भी हुए हैं।

मृतक भी बने आरोपी: 8 लोगों पर FIR

इस खूनी संघर्ष के बाद कचनार पुलिस ने दोनों भाइयों के परिवार और रिश्तेदारों समेत कुल 8 लोगों पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से चार-चार लोगों पर FIR दर्ज की है।

चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में घटना में मृतक हो चुके पिता खिलान यादव, पुत्र कृष्णभान यादव और भानेज पवन यादव को भी आरोपी बनाया है।

दहशत का आलम: अंतिम संस्कार में कोई नहीं

गुरुवार को करैया बनेट ग्राम में गम और दहशत का माहौल रहा।

  • अंतिम संस्कार: गुरुवार सुबह पिता खिलान यादव का अंतिम संस्कार किया गया और शाम को छोटे पुत्र कृष्णभान यादव का अंतिम संस्कार हुआ। भानेज पवन यादव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक ग्राम महुआ खेड़ा में किया गया।
  • मातम और दहशत: गाँव में इतना डर और खौफ था कि पिता और बेटे के अंतिम संस्कार में गाँव के लोग या कोई रिश्तेदार शामिल नहीं हुआ।
  • पुलिस की मौजूदगी: पुलिस ने मृतक के परिवार के गिने-चुने लोगों को ले जाकर ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवाई।

इस हत्याकांड ने एक बार फिर जमीन से जुड़े पारिवारिक विवादों के गंभीर और हिंसक अंजाम को सामने ला दिया है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें