देवास। मध्य प्रदेश के देवास शहर की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया, जब भाजपा के सीनियर मंडल के नगर मंत्री राजू सोनी की पत्नी दर्पण सोनी ने अपने ही पति और भाजपा की ही एक महिला पदाधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दर्पण सोनी ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोप लगाया है कि उनके पति के नगर महामंत्री नीतू जाधव के साथ कथित संबंध हैं, जिसके कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।

न्यूज़ हेडलाइंस
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सियासी गलियारों में चर्चा: भाजपा के दो बड़े पदाधिकारियों के बीच कथित रिश्तों ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें।
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पीड़ित पत्नी का दर्द: दर्पण सोनी का आरोप— “पति के भाजपा नेत्री से संबंध हैं, विरोध करने पर बुरी तरह पीटते हैं।”
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समझौता हुआ नाकाम: 15 दिन की मोहलत और समझौते के बाद भी नहीं सुधरे हालात; मामला फिर पुलिस के पास।
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सुरक्षा की मांग: शिकायतकर्ता पत्नी ने पति से जान का खतरा बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सड़कों पर आया ‘हाई-प्रोफाइल’ पारिवारिक विवाद
देवास भाजपा के भीतर चल रहा यह आंतरिक कलह अब सार्वजनिक हो चुका है।
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गंभीर आरोप: दर्पण सोनी ने एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत देते हुए बताया कि उनके पति राजू सोनी के एक महिला भाजपा नेत्री के साथ करीबी संबंध हैं। जब भी वे इसका विरोध करती हैं, तो उन्हें घर में प्रताड़ित किया जाता है और चुप रहने का दबाव बनाया जाता है।
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धमकी का दावा: शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर डरी हुई हैं।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला; फेल हुआ ’15 दिन का फॉर्मूला’
यह विवाद नया नहीं है, इससे पहले भी यह मामला थाने की दहलीज पार कर चुका है:
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BNS के तहत कार्रवाई: पूर्व में सिटी कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था।
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विफल समझौता: सामाजिक और पारिवारिक दबाव के बाद एक समझौता हुआ था, जिसमें राजू सोनी को अपने कथित संबंध खत्म करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था।
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हालात जस के तस: दर्पण सोनी का आरोप है कि समझौते की अवधि बीत जाने के बाद भी राजू सोनी के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया, बल्कि प्रताड़ना और बढ़ गई।
क्या कहती हैं पीड़ित पत्नी?
“मेरे पति के भाजपा की महिला नेत्री के साथ संबंध हैं। जब मैं विरोध करती हूं, तो मुझे जान से मारने की धमकी दी जाती है। समझौते के बाद भी उन्होंने अपने रिश्ते खत्म नहीं किए, बल्कि मुझ पर दबाव और बढ़ा दिया है।”
— दर्पण सोनी, शिकायतकर्ता
भाजपा संगठन की साख पर सवाल
शहर के दो महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के नाम इस विवाद में आने से भाजपा संगठन की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्रों की मानें तो संगठन स्तर पर भी इस ‘अनुशासनहीनता’ की जांच की जा सकती है। पुलिस अब दर्पण सोनी की शिकायत के आधार पर मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।








