जबलपुर (मध्य प्रदेश):बीजेपी की जबलपुर नगर उपाध्यक्ष अंजू भार्गव द्वारा एक दृष्टिबाधित महिला को श्राप देने और उसके साथ शारीरिक अभद्रता करने का मामला अब राजनीतिक गले की हड्डी बन गया है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला अध्यक्ष राजेश सोनकर ने अंजू भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
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क्या था पूरा विवाद?
घटना 20 दिसंबर की है, जब जबलपुर के गोरखपुर थाना क्षेत्र स्थित एक चर्च में हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया था। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि वहां दृष्टिबाधित बच्चों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसी हंगामे के बीच बीजेपी नेत्री अंजू भार्गव चर्च के अंदर पहुंचीं।
वीडियो में कैद हुई संवेदनहीनता
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अंजू भार्गव वहां बैठी एक दृष्टिबाधित महिला पर चिल्ला रही हैं। उन्होंने महिला के साथ न केवल झूमाझटकी की, बल्कि बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी भी की:
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विवादित बयान: अंजू भार्गव ने महिला से कहा, “तू इस जन्म में अंधी है और अगले जन्म में भी अंधी ही पैदा होगी।”
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आरोप: उन्होंने महिला का चेहरा पकड़कर कहा कि तुम माथे पर सिंदूर लगाती हो और बच्ची का धर्मांतरण करवाने यहाँ आई हो।
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पुलिस की दखल: स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों ने बीच-बचाव कर महिला को उनसे दूर किया।
बीजेपी ने नोटिस में क्या कहा?
पार्टी की ओर से जारी नोटिस में सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। पत्र में लिखा गया है:
“आप बीजेपी की जिम्मेदार पदाधिकारी हैं, जिनसे इस प्रकार के व्यवहार और कृत्यों की कल्पना नहीं की जाती। आपके द्वारा दृष्टिबाधित महिला के लिए उपयोग किए गए अशोभनीय शब्द और आचरण से पार्टी की छवि धूमिल हुई है।”
विपक्ष और जनता में आक्रोश
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग बीजेपी नेत्री के व्यवहार की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। विशेष रूप से दिव्यांगजनों के प्रति ऐसी भाषा के इस्तेमाल को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए इसे पार्टी का “असली चेहरा” करार दिया है I








