जबलपुर: मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत जबलपुर जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों में ढाई लाख से अधिक (2,64,287) मतदाता गायब मिले हैं। इन मतदाताओं को एएसडीआर (ASDR) श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि वे अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) हो चुके हैं या दोहराए गए (Repeated) हैं। प्रशासन ने 11 दिसंबर तक सत्यापन पूरा न होने पर इनके नाम सूची से हटाने की तैयारी कर ली है, जिसका सीधा असर आगामी नगरीय चुनावों पर पड़ेगा।
‘लापता’ मतदाताओं का विवरण
सत्यापन के दौरान 2,64,287 एएसडीआर मतदाताओं में से 50 हजार 961 मृत पाए गए। शेष 2 लाख 13 हजार 326 मतदाताओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है:
| श्रेणी | संख्या | स्थिति |
| कुल ASDR | 2,64,287 | (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या रिपीटेड) |
| मृत (Dead) | 50,961 | – |
| स्थानांतरित (Shifted) | 1,19,273 | दूसरी जगह चले गए, सत्यापन में नहीं मिले। |
| अनुपस्थित (Absent) | 78,699 | बूथ स्तर पर नहीं पाए गए। |
| संदिग्ध (Unknown) | 1,927 | सूची में दर्ज हैं, पर बीएलओ को कोई पता-ठिकाना ज्ञात नहीं है। |
चिंता का विषय: 1,927 ऐसे मतदाता हैं जिनका कोई पता-ठिकाना ज्ञात नहीं हो पा रहा है। जिला निर्वाचन कार्यालय इन नामों के सूची में जोड़े जाने के आधार की जांच कर रहा है, क्योंकि ये संदिग्ध भी हो सकते हैं।
11 दिसंबर तक नाम बचाने का मौका
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ज्योति परस्ते ने बताया कि सोमवार से जिले की सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में एएसडीआर श्रेणी में दर्ज मतदाताओं की सूची का बूथ स्तर पर वाचन कराया जा रहा है।
-
अपील: 11 दिसंबर तक वाचन के दौरान, यदि कोई मतदाता जिसका नाम एएसडीआर सूची में शामिल हो गया है, लेकिन वह वास्तव में उसी विधानसभा क्षेत्र में निवासरत है, तो वह इसकी सूचना बीएलओ को दे सकता है।
-
कार्रवाई: बीएलओ ऐसे मतदाता का नाम एएसडीआर सूची से हटा देंगे, ताकि उसका नाम 16 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल हो सके।
-
नाम हटना: इसके बाद भी यदि संबंधितों की जानकारी नहीं मिल पाती है, तो एएसडीआर श्रेणी में दर्ज मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे।
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र
एएसडीआर श्रेणी में दर्ज मतदाताओं में सर्वाधिक करीब 50 हजार मतदाता कैंट विधानसभा क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण इस क्षेत्र में फैक्ट्री कर्मियों और सैन्य क्षेत्र के मतदाताओं का स्थानांतरित होना बताया जा रहा है। इसके अलावा, पूर्व और उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता भी इस सूची में शामिल हैं।









