Satna News :जब दुनिया टीवी पर रूस-यूक्रेन युद्ध देख रही थी।तब सतना के एक छोटे से गांव किटहा के 21 वर्षीय अंशुमान शुक्ला और उनके दो दोस्तों को उस विनाश में एक अवसर दिखा। भारत के लिए एक ऐसा हथियार बनाने का अवसर जो स्मार्ट, सस्ता और बेहद घातक हो। आज, उनका वह सपना हकीकत बनकर आसमान में उड़ रहा है।आपको बता दे कि अंशुमान के पिता पेशे से एक कांट्रेक्टर है।

इंजीनियरिंग के इन तीन छात्रों ने भारतीय सेना के लिए “सुसाइड” और “सर्विलांस” ड्रोन की एक ऐसी जोड़ी तैयार की है, जो सिर्फ एक SMS से एक्टिवेट होकर दुश्मन के खेमे में तबाही मचा सकती है।
मेरठ की छावनी में जन्मा ‘खड्ग’ और ‘शक्ति’
यह कोई साधारण कॉलेज प्रोजेक्ट नहीं था। इंदौर में पढ़ रहे अंशुमान शुक्ला, अभिजीत पटेल और अखिलेश सिंह राठौर को यह मिशन सेना की 609 EME बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल नितिन वर्मा ने सौंपा था। तीनों दोस्त 25 दिनों तक मेरठ आर्मी कैंप में रहे और दिन-रात एक करके दो ड्रोन तैयार किए, जिन्हें ‘खड्ग’ और ‘शक्ति’ नाम दिया गया है।
खड़ग दुश्मनों के ठिकानों में मचाएगा तबाही
खड्ग (कामीकाजे)ड्रोन यह एक आत्मघाती योद्धा है। 2 से 4 किलोग्राम का विस्फोटक लेकर यह 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन के टैंक या बंकर से टकराकर उसे नष्ट कर देता है।और खुद भी नष्ट हो जाएगा। इसकी खासियत है कि यह जमीन से महज 100-200 मीटर की ऊंचाई पर उड़ता है, जिससे दुश्मन के रडार इसे पकड़ नहीं पाते।इस ड्रोन की वर्तमान अधिकतम रेंज 5 किलोमीटर है।
शक्ति – तबाही का लगाएगा सही आकलन
शक्ति (निगरानी ड्रोन) यह सेना की ‘आंख’ है। नाइट विजन कैमरे से लैस यह ड्रोन हमले के बाद दुश्मन को हुए नुकसान का सटीक आकलन करता है, ताकि अगली रणनीति बनाई जा सके।इसकी अधिकतम रेंज 10 किलोमीटर है।जबकि खड़ग ड्रोन की वर्तमान अधिकतम रेंज 5 किलोमीटर है।दोनों ड्रोन की उड़ान गति 180 किलोमीटर प्रति घण्टा है।दोनों ड्रोन वजन में हल्के और पोर्टेबल डिजाइन के हैं।
एक SMS और दुश्मन खत्म!
इन ड्रोनों की सबसे बड़ी ताकत इनकी तकनीक है। इनमें लगे सिम कार्ड के जरिए दुनिया के किसी भी कोने से सिर्फ एक SMS भेजकर इन्हें एक्टिवेट किया जा सकता है। सफल परीक्षण के बाद सेना ने अब इन दोस्तों को इन ड्रोनों की रेंज 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने का महत्वपूर्ण काम सौंपा है।







