भोपाल | राजधानी भोपाल में बिजली की अघोषित कटौती और ट्रिपिंग से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MKMVCL) ने शहर की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक हफ्ते का विशेष अभियान शुरू किया है। इस मुहिम के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में 162 ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं, ताकि गर्मी में बढ़ते लोड के कारण होने वाली तकनीकी खामियों को दूर किया जा सके।

अभियान की मुख्य बातें
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युद्धस्तर पर काम: शहर के सभी 27 जोनों में एक साथ शुरू किया गया सुधार कार्य।
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लोड बैलेंसिंग: 648 यूनिट्स पर लोड बैलेंसिंग की जा रही है ताकि लाइनों पर अतिरिक्त दबाव न बढ़े।
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सख्त निर्देश: एमडी ऋषि गर्ग ने एक हफ्ते के भीतर काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।
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छुट्टी पर भी काम: 1 मई को सार्वजनिक अवकाश के बावजूद टीमों ने मैदान में उतरकर 35 ट्रांसफार्मर बदले।
क्यों आ रही थी समस्या?
गर्मी के कारण घरों में एसी और कूलर का उपयोग बढ़ गया है, जिससे बिजली की डिमांड में भारी उछाल आया है। पुराने ट्रांसफार्मर इस बढ़ते लोड को झेल नहीं पा रहे थे, जिसके कारण बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की शिकायतें आ रही थीं। इसी का समाधान करने के लिए कंपनी ने 162 खराब और कमजोर ट्रांसफार्मरों को चिन्हित कर उन्हें बदलने का फैसला लिया है।
एमडी के निर्देश: “जनता को न हो परेशानी”
बिजली कंपनी के एमडी ऋषि गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेंटेनेंस के नाम पर लंबे समय तक बिजली बंद न रखी जाए। अभियान की सफलता के लिए बड़े अधिकारी खुद जमीन पर उतरकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन दिनों के भीतर शेष बचे ट्रांसफार्मरों और लोड बैलेंसिंग के काम को पूरा करना है।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
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अघोषित कटौती से मुक्ति: ट्रांसफार्मर बदलने के बाद बार-बार होने वाली ट्रिपिंग बंद हो जाएगी।
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वोल्टेज की स्थिरता: लोड बैलेंसिंग से लो-वोल्टेज की समस्या खत्म होगी, जिससे फ्रिज, एसी जैसे कीमती उपकरण सुरक्षित रहेंगे।
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निर्बाध सप्लाई: भीषण गर्मी (मई-जून) के दौरान बिजली का संकट कम होगा।







