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सतना के सार्थक हॉस्पिटल में बवाल: नवजात की मौत के बाद भड़के परिजन, पर्ची में ‘मेल’ को लिखा ‘फीमेल’, 1 दिन के बच्चे को बताया 1 महीने का; एक्सपायर्ड दवा चढ़ाने का आरोप

सतना | सतना शहर के पन्ना रोड स्थित सार्थक हॉस्पिटल में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इलाज के दौरान एक ...

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| सतना टाइम्स

सतना | सतना शहर के पन्ना रोड स्थित सार्थक हॉस्पिटल में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इलाज के दौरान एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर एक्सपायरी (अमानक) दवाएं देने, इलाज में घोर लापरवाही बरतने और दस्तावेजों में भारी हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामला इतना बढ़ गया कि न्याय की मांग को लेकर परिजन सतना-पन्ना पुराने हाईवे पर धरने पर बैठ गए, जिससे करीब 20 मिनट तक चक्काजाम की स्थिति बनी रही।

खास बातें:

  • कागजों में बड़ा खेल: अस्पताल की पर्ची में नवजात लड़के (Male) की जगह लड़की (Female) दर्ज किया गया। हद तो तब हो गई जब 1 दिन के बच्चे की उम्र 1 महीना लिख दी गई।

  • एक्सपायरी दवाइयां जब्त: हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ले जाई जा रही कथित एक्सपायरी दवाएं रंगे हाथों पकड़ीं और सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपी।

  • हाईवे पर लगा लंबा जाम: इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों ने पन्ना रोड पर धरना दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सीएसपी की समझाइश के बाद जाम खुला।

  • कल होगा पोस्टमार्टम: पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को जिला अस्पताल में नवजात का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

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11 जुलाई को किया था भर्ती, अगले ही दिन बताई किडनी की समस्या

टिकुरिया टोला निवासी पीड़ित पिता नवीन गुप्ता ने बताया कि उनकी पत्नी नीलम गुप्ता की 10 जुलाई को बस स्टैंड स्थित चित्रकूट हॉस्पिटल में डिलीवरी हुई थी। इसके बाद नवजात की सिकाई और आगे के उपचार के लिए 11 जुलाई को उसे पन्ना रोड स्थित सार्थक हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था।

परिजनों का आरोप है कि भर्ती करने के अगले ही दिन डॉक्टर ने अचानक बच्चे की किडनी में गंभीर समस्या बता दी और उसके इलाज के लिए 25 हजार रुपये का भारी-भरकम इंजेक्शन लगाने की बात कही। सोमवार को जब इंजेक्शन लगाने की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन कुछ ही देर बाद मासूम ने दम तोड़ दिया।

पर्ची में मिलीं गंभीर त्रुटियां, मेडिकल स्टोर से पकड़ीं एक्सपायर्ड दवाएं

बच्चे की मौत के बाद जब परिजनों ने अस्पताल के दस्तावेज देखे तो उनके होश उड़ गए। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह था कि मेडिकल पर्ची में ‘मेल बेबी’ की जगह ‘फीमेल बेबी’ लिखा हुआ था। वहीं, महज 1 दिन के नवजात बच्चे को 1 महीने का दर्शाया गया था।

इसी बीच, अस्पताल परिसर में मचे हंगामे के दौरान परिजनों ने मेडिकल स्टोर से हटाई जा रही एक्सपायरी डेट की दवाइयां पकड़ लीं। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्चे को एक्सपायर्ड दवाइयां चढ़ाई हैं, जिससे उसकी जान गई। पीड़ित परिवार इन दवाओं को लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचा और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

सीएसपी और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया जाम

अस्पताल के बाहर हाईवे पर करीब 20 मिनट तक चले चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान और सिविल लाइन थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया और हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।

“परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर लिया गया है। अस्पताल के उपचार रिकॉर्ड और परिजनों द्वारा सौंपी गई दवाओं को जांच में शामिल किया गया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल से नवजात का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अस्पताल प्रबंधन और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान, सीएसपी – सतना

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें