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बरगी हादसा: दिल्ली लौटे 3 ताबूत; ‘छोटू’ की याद में बिलख पड़ा पिता, बोला— ‘नाविक हमें बीच मझधार में छोड़कर भाग गया’

नई दिल्ली/जबलपुर |  जबलपुर के बरगी डैम हादसे का सबसे दर्दनाक अध्याय शनिवार को दिल्ली में संपन्न हुआ। जब खजान बस्ती के ...

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| सतना टाइम्स

नई दिल्ली/जबलपुर |  जबलपुर के बरगी डैम हादसे का सबसे दर्दनाक अध्याय शनिवार को दिल्ली में संपन्न हुआ। जब खजान बस्ती के मैसी परिवार के तीन सदस्यों— मरीना मैसी (39), उनकी माँ मधुर (62) और मासूम तृषान (4) के शव ताबूतों में घर पहुँचे, तो पूरे इलाके का कलेजा मुँह को आ गया। जिस परिवार ने कुछ दिन पहले हँसते-खेलते सफर शुरू किया था, उसकी दुनिया एक लापरवाही ने उजाड़ दी।

खबर के मुख्य अंश 

  • अंतिम विदाई: दिल्ली की खजान बस्ती में एक साथ तीन जनाजे देख हर आँख नम हो गई।

  • पिता का दर्द: घायल प्रदीप वर्मा बोले— “घर आते ही लिपट जाता था मेरा छोटू, अब कौन रखेगा मेरा ख्याल?”

  • नाविक पर आरोप: जीवित बचे प्रदीप ने बताया कि लहरें देख नाविक यात्रियों को मरता छोड़ खुद पानी में कूद गया था।

  • सिस्टम की चूक: पीड़ित परिवार ने प्रशासन और लाइफ जैकेट प्रबंधन पर खड़े किए गंभीर सवाल।


“मंजर देख कांप गई रूह”

हादसे के बाद जब मरीना मैसी का शव मिला, तो वह मंजर रेस्क्यू टीम के लिए भी असहनीय था। मरीना ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन उन्होंने खुद तैरने के बजाय अपने 4 साल के बेटे तृषान को सीने से मजबूती से चिपका रखा था। वह आखिरी दम तक अपने लाडले को बचाने की कोशिश करती रहीं और उसी स्थिति में दोनों ने जलसमाधि ले ली।

पीड़ित पति की आपबीती: “वह नाविक ट्रेंड नहीं था”

हादसे में किसी तरह अपनी जान बचाने वाले प्रदीप कुमार वर्मा ने प्रशासन और क्रूज स्टाफ पर सीधा हमला बोला है। प्रदीप ने बताया कि जैसे ही तेज आंधी आई और नाव डगमगाने लगी, नाविक यात्रियों को संभालने या सुरक्षा निर्देश देने के बजाय खुद अपनी जान बचाकर पानी में कूद गया। प्रदीप ने दहाड़ें मारकर रोते हुए कहा, “मैं उन्हें इस तरह लेकर नहीं गया था, मुझे उन्हें एम्बुलेंस और ताबूतों में वापस लाना पड़ा।”

यादों में सिमटा परिवार

हादसे में प्रदीप की 14 वर्षीय बेटी सिया और उनके ससुर जूलियस मैसी सुरक्षित हैं, लेकिन इस त्रासदी ने उनके मन पर जो घाव दिए हैं, वे शायद ही कभी भर पाएंगे।


प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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