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बरगी हादसा: मौत के जबड़े से 4 जिंदगियाँ खींच लाया ‘देवदूत’ रमजान, 25 फीट की ऊँचाई से लगा दी थी छलांग

जबलपुर | शनिवार, 02 मई 2026 जबलपुर के बरगी डैम हादसे में जहाँ लापरवाही की कई परतें खुलीं, वहीं एक मजदूर की ...

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| सतना टाइम्स

जबलपुर | शनिवार, 02 मई 2026 जबलपुर के बरगी डैम हादसे में जहाँ लापरवाही की कई परतें खुलीं, वहीं एक मजदूर की बहादुरी ने मानवता की मिसाल पेश की है। पश्चिम बंगाल के रहने वाले रमजान ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उफनते पानी में छलांग लगाई और 4 लोगों को सुरक्षित मौत के मुँह से बाहर निकाल लिया।

वीरता की मुख्य बातें 

  • साहस का परिचय: पुल निर्माण में लगे मजदूर रमजान ने 25 फीट की ऊँचाई से पानी में कूदे।

  • निस्वार्थ सेवा: बिना किसी लाइफ जैकेट या सरकारी संसाधन के सिर्फ एक ‘रस्सी’ के सहारे शुरू किया रेस्क्यू।

  • 6 को निकाला: रमजान ने कुल 6 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से 4 की जान बच गई।

  • चेतावनी को अनसुना किया: मजदूरों ने पायलट को रुकने का इशारा किया था, लेकिन क्रूज आगे बढ़ा और डूब गया।


मजदूरों ने दी थी ‘खतरे’ की आवाज

हादसे के वक्त पास ही पुल निर्माण का काम चल रहा था, जहाँ बिहार, यूपी और बंगाल के करीब 35 मजदूर मौजूद थे। चंपारण के रहने वाले बिंद्र कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने क्रूज को अनियंत्रित होते देख पायलट को रुकने के लिए चिल्लाया था। मजदूरों ने रस्से का इंतजाम भी कर लिया था, लेकिन पायलट क्रूज को आगे ले गया और देखते ही देखते वह लहरों में समा गया।

रमजान: जो मौत से लड़ गया

जैसे ही क्रूज पलटा, रमजान ने बिना एक पल गंवाए रस्सी पकड़ी और ऊँचे निर्माणाधीन पुल से सीधे डैम में छलांग लगा दी। रमजान के साथ राज कुमार और शिवनाथ जैसे साथियों ने भी मदद की। रमजान ने बताया, “मैंने बस लोगों को डूबते देखा और मुझसे रहा नहीं गया। रस्सी लेकर कूदा और एक-एक कर लोगों को किनारे तक लाने की कोशिश की।”

प्रशासन से पहले पहुँचे ‘मजदूर’

सरकारी रेस्क्यू टीम के पहुँचने से काफी पहले इन मजदूरों ने मोर्चा संभाल लिया था। अगर रमजान और उनके साथी तत्परता न दिखाते, तो मृतकों का आँकड़ा और भी अधिक हो सकता था। आज पूरा जबलपुर इन जांबाज मजदूरों के जज्बे को सलाम कर रहा है।


ताज़ा स्थिति:

  • सुरक्षित बचाए गए: 28 (जिनमें कई मजदूरों की मदद से बचे)

  • अब तक हुई मौतें: 09

  • जांच जारी: दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ इन जांबाज मजदूरों को सम्मानित करने की मांग उठ रही है।


प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें