सतना/उचेहरा | सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बाबूपुर में पुश्तैनी जमीन और अहाते में लगे बाँस के विवाद ने शनिवार 13 जून 2026 को बेहद खूनी रूप ले लिया। एक ही परिवार के दो सगे पक्षों के बीच हुए इस विवाद में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला, उनकी दोनों बहुएं और नाती गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर पूरे परिवार को लहूलुहान कर दिया और पीड़ित के घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। उचेहरा पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

मुख्य बिंदु :
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पुश्तैनी अहाते का विवाद: कोलिया (पुश्तैनी अहाते) से काटे गए बाँस को वापस मांगने पर सगे रिश्तेदारों ने ही खेला खूनी खेल।
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महिलाएं और युवा लहूलुहान: लाठी-डंडों के हमले में 70 वर्षीय शकुंतला विश्वकर्मा, उनकी दो बहुएं और नाती अंकित गंभीर रूप से घायल।
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शराब के नशे में तांडव: लोहारौरा से आए रिश्तेदार पर नशे में धुत होकर मारपीट करने और महिलाओं पर पथराव का आरोप।
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पुलिस की कार्रवाई: उचेहरा थाना पुलिस ने घायलों का मेडिकल करवाकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की।
बाँस वापस मांगने पर भड़का रणधीर का परिवार
पीड़ित पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब बुजुर्ग शकुंतला विश्वकर्मा ने अपने पुश्तैनी अहाते (कोलिया) से जबरन काटे गए बाँस को दूसरे पक्ष से वापस मांगा। शकुंतला देवी का बाँस मांगना उनके ही परिवार के रणधीर विश्वकर्मा और उसके परिजनों को इतना नागवार गुजरा कि वे मां-बहन की गालियां देने लगे। पीड़ित पक्ष ने जब गाली देने से मना किया, तो आरोपी पक्ष लाठी-डंडे और पत्थर लेकर टूट पड़ा।

बुजुर्ग महिला और बहुओं को बेरहमी से पीटा
चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपियों ने घर में अकेली महिलाओं को निशाना बनाया। लाठियों के ताबड़तोड़ वार से शकुंतला विश्वकर्मा की बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा, छोटी बहू अर्चना विश्वकर्मा और बीच-बचाव करने आया नाती अंकित विश्वकर्मा बुरी तरह जख्मी हो गए। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के ग्रामीण इकट्ठा होते, आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले।
लोहारौरा के रिश्तेदार ने बुना तांडव, घर पर बरसाए पत्थर
शिकायत में पीड़ित परिवार ने एक और सनसनीखेज आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, वारदात के दौरान लोहारौरा निवासी महेश विश्वकर्मा शराब के नशे में धुत होकर मौके पर पहुंचा और उसने हमलावरों का साथ देते हुए पीड़ित परिवार पर लाठियां भांजी। यही नहीं, दूसरे पक्ष की महिलाओं ने पीड़ित के घर को घेरकर अंधाधुंध पथराव किया, जिससे घर की खिड़कियों के कांच टूट गए और घर के अंदर रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद से बाबूपुर गांव में दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

कार्रवाई से बचने के लिए ‘काउंटर केस’ की साजिश का आरोप
अस्पताल में भर्ती पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पक्ष अब खुद को पीड़ित दिखाने का ढोंग कर रहा है। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए दूसरे पक्ष द्वारा झूठी कहानी गढ़कर ‘काउंटर केस’ (क्रॉस एफआईआर) कराने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, उचेहरा पुलिस का कहना है कि वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे और केवल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
“बाबूपुर गांव में बाँस और जमीनी विवाद को लेकर मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। सभी घायलों को तुरंत उचेहरा अस्पताल भेजकर उनका डॉक्टरी मुलाहजा (Medical Examination) कराया गया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।”
— उचेहरा थाना पुलिस प्रशासन









