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MP में अब ‘दिन में सिंचाई’ और ‘खाद की नो टेंशन’: CM मोहन यादव का बड़ा एलान— “किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा प्रदेश; गेहूं खरीदी का लक्ष्य अब 100 लाख टन”

भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात 9 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की जनता को संबोधित किया। अपने ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात 9 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की जनता को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने किसानों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। सीएम ने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य केवल खेती बचाना नहीं, बल्कि किसानों को ‘लखपति’ बनाना और मध्य प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल’ के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री के संबोधन की 10 बड़ी बातें 

  1. गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ा: केंद्र से मंजूरी के बाद अब 78 लाख के बजाय 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा।

  2. स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी: किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।

  3. मंडी में शनिवार को भी खरीदी: अब मंडियों में हफ्ते में 6 दिन खरीदी होगी, शनिवार का अवकाश रद्द कर दिया गया है।

  4. रात की ठंड से आजादी: किसानों को अब सिंचाई के लिए रात के बजाय दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

  5. भारी सब्सिडी: सोलर पंप पर 90% सब्सिडी और खेती के लिए मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन की सुविधा।

  6. 400% मुआवजा: भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को अब 4 गुना (400%) मुआवजा दिया जाएगा।

  7. खाद का भरपूर स्टॉक: 5.90 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का अग्रिम स्टॉक मौजूद है; अब खाद के लिए लाइन नहीं लगेगी।

  8. दूध उत्पादन पर जोर: 1552 नई दुग्ध समितियां बनाई गईं; पशुपालकों को अब तक 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

  9. मिल्क कैपिटल का सपना: डेयरी उद्योग को बढ़ावा देकर एमपी को देश का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य बनाने का लक्ष्य।

  10. किसान कल्याण वर्ष: साल 2026 को पूरी तरह किसानों की बेहतरी के लिए समर्पित किया गया है।


“खेत से कारखाने तक समृद्धि”

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ‘खेत से कारखाने’ तक की कड़ी को जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब किसान के पास पैसा होगा, तभी बाजार और उद्योग चलेंगे।

  • पशुपालन को उद्योग का दर्जा: सरकार पशुपालन को केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि एक मुनाफे वाला उद्योग बनाने की दिशा में काम कर रही है।

  • भंडारण की चिंता नहीं: पिछले साल के स्टॉक के बावजूद सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त गेहूं खरीदी की अनुमति ली है ताकि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जा सके।

अन्नदाताओं को दिया भरोसा

“अन्नदाताओं की समृद्धि ही मध्य प्रदेश की असली ताकत है। हम हर स्थिति में, आखिरी तक किसान के साथ खड़े रहेंगे। किसी भी किसान को घबराने की जरूरत नहीं है, हम आपकी मेहनत का पूरा मोल देंगे।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री


खबर का सारांश 

  • घोषणा: साल 2026 ‘किसान कल्याण वर्ष’।

  • मुख्य बदलाव: दिन में बिजली, बढ़ा हुआ गेहूं लक्ष्य, 4 गुना मुआवजा।

  • लक्ष्य: मध्य प्रदेश को भारत की ‘मिल्क कैपिटल’ बनाना।

  • राहत: खाद की किल्लत खत्म, यूरिया का पर्याप्त अग्रिम स्टॉक।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें