भोपाल | राजधानी भोपाल की रातीबड़ पुलिस ने गैस सिलेंडर चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह न केवल सूने मकानों को निशाना बनाता था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे तनाव (ईरान-इजरायल युद्ध) का फायदा उठाकर चोरी के सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेचता था।

खबर के मुख्य अंश
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ग्लोबल वॉर का फायदा: युद्ध के कारण गैस किल्लत की खबरों के बीच आरोपियों ने सिलेंडरों के दाम बढ़ा दिए थे।
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सूने घरों पर नजर: आरोपी दिनदहाड़े रेकी कर ताला तोड़ते और केवल सिलेंडर लेकर फरार हो जाते।
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बड़ी कार्रवाई: 125 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मुख्य आरोपी सतीश राजपूत गिरफ्तार।
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महंगे शौक: शराब और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए की जाती थीं चोरियां।
चोरी के लिए चुना ‘खास’ वक्त और सामान
रातीबड़ थाना प्रभारी आरबी शर्मा के अनुसार, आरोपी सतीश राजपूत (24) और उसका फरार साथी राहुल शर्मा केवल गैस सिलेंडर ही चुराते थे। इनके पीछे की वजह यह थी कि सिलेंडर को बेचना और तुरंत नकदी में बदलना आसान होता था। 1 मई को जब एक पीड़ित परिवार शादी से लौटा, तब इस वारदात का पता चला। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सतीश को धर दबोचा।
ईरान-इजरायल युद्ध से बढ़ा ‘प्रॉफिट’
पुलिस पूछताछ में एक दिलचस्प लेकिन चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने कबूला कि वे अंतरराष्ट्रीय खबरों पर नजर रखते थे। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण मार्केट में गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका थी। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए वे चोरी के सिलेंडरों को सामान्य से कहीं अधिक कीमतों पर लोगों को बेच देते थे।
फरार साथी की तलाश जारी
पुलिस को संदेह है कि हाल ही में कोहेफिजा इलाके में एक वकील के घर से हुए 4 सिलेंडरों की चोरी में भी इसी गिरोह का हाथ है। फिलहाल पुलिस सतीश के साथी राहुल की तलाश में दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपी सतीश पहले भी इसी तरह के अपराध में जेल की हवा खा चुका है।
“आरोपी अपनी लाइफस्टाइल मेंटेन करने और महंगी शराब के लिए यह चोरियां करते थे। हमने करीब 125 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी को पकड़ा है।” – आरबी शर्मा, थाना प्रभारी, रातीबड़







