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उमरिया हत्याकांड: जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या, पुलिस ने 3 ‘कातिल पड़ोसियों’ को दबोचा

उमरिया | मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में 21वीं सदी के दावों को ठेंगा दिखाते हुए अंधविश्वास ने एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की ...

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| सतना टाइम्स

उमरिया | मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में 21वीं सदी के दावों को ठेंगा दिखाते हुए अंधविश्वास ने एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की बलि ले ली। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मरदर में हुए मन्नू सिंह हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि महज ‘जादू-टोने’ के शक में तीन युवकों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।

खबर के मुख्य अंश 

  • अंधविश्वास का खेल: आरोपियों को शक था कि बुजुर्ग ‘जादू-टोना’ करता है, इसी सनक में ले ली जान।

  • साजिश और हत्या: झाड़-फूंक के बहाने खेत ले गए और गला घोंटकर मार डाला।

  • पुलिस को गुमराह: आरोपी बेंगलुरु और जयपुर भागने का नाटक कर रहे थे, लेकिन तकनीकी सबूतों ने खोली पोल।

  • पर्दाफाश: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और चोट के निशानों से खुला हत्या का राज।


डेढ़ महीने तक चला ‘लुका-छिपी’ का खेल

घटना 20 मार्च की है, जब मन्नू सिंह का शव एक साजा के पेड़ के नीचे कंबल में लिपटा मिला था। शुरुआत में इसे सामान्य मौत माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के कान खड़े कर दिए। एडिशनल एसपी सीताराम सत्या ने बताया कि जांच के दौरान गांव के ही विनोद सिंह, दीनदयाल सिंह और मनोज सिंह पर शक गहराया।

बेंगलुरु-जयपुर का झूठा बहाना

पकड़े जाने के डर से आरोपी पुलिस को लगातार गुमराह कर रहे थे कि वे घटना के वक्त बेंगलुरु और जयपुर में थे। हालांकि, पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को उनके सामने रखा, तो उनकी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। कड़ाई से पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

वारदात का खौफनाक तरीका

आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मन्नू सिंह को मारने के लिए बाकायदा जाल बुना था। वे बुजुर्ग को झाड़-फूंक के बहाने खेत की ओर ले गए। एकांत पाकर उन्होंने पहले डंडों से हमला किया और फिर गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। साक्ष्यों को मिटाने के लिए उन्होंने शव को कंबल में लपेटकर नाले के पास छोड़ दिया था।

“यह घटना दिखाती है कि आज भी समाज में अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं। महज शक के आधार पर एक बुजुर्ग की जान ले लेना विचलित करने वाला है।” – सीताराम सत्या, एडिशनल एसपी, उमरिया

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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