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मौत के जबड़े से ‘शावक’ का रेस्क्यू: बांधवगढ़ में खूनी संघर्ष; दबंग बाघ के हमले में 6 माह का शावक लहूलुहान, हाथियों की मदद से बचाई जान, मुकुंदपुर रेफर

उमरिया/बांधवगढ़। मध्य प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व इन दिनों बाघों के लिए ‘कब्रगाह’ बनता जा रहा है। ताला वन परिक्षेत्र ...

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| सतना टाइम्स

उमरिया/बांधवगढ़। मध्य प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व इन दिनों बाघों के लिए ‘कब्रगाह’ बनता जा रहा है। ताला वन परिक्षेत्र की भद्रशिला बीट में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक ताकतवर वयस्क बाघ ने 6 महीने के नन्हे शावक पर जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत रही कि हाथियों और गश्ती दल ने समय रहते मोर्चा संभाला और शावक को हमलावर बाघ के चंगुल से छुड़ा लिया।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • खूनी टसल: तड़के 4:30 बजे दहाड़ों से गूंज उठा कोलुहावाह कैंप; टेरिटरी की लड़ाई में नन्हा शावक बना निशाना।

  • बहादुरी भरा रेस्क्यू: हमलावर बाघ को हटाने के लिए वन विभाग को उतारने पड़े 2 हाथी; उप संचालक योहन कटारा ने संभाली कमान।

  • गंभीर चोटें: शावक के गर्दन, पीठ और पैरों पर मिले केनाइन दांतों के गहरे घाव; अंदरूनी रक्तस्राव जारी।

  • बड़ा सवाल: शावक की माँ (बाघिन) कहाँ है? क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी।


तड़के शुरू हुआ खूनी खेल

घटना की शुरुआत रविवार सुबह करीब 4:30 बजे हुई। जब जंगल में सन्नाटा था, तब अचानक बाघों के लड़ने की भीषण आवाजों ने गश्ती दल को चौकन्ना कर दिया। मौके पर पहुँचने पर देखा कि एक विशालकाय वयस्क बाघ छोटे शावक को अपना शिकार बनाने पर आमादा था।

  1. हाथियों ने दिखाया दम: हमलावर बाघ इतना आक्रामक था कि उसे हटाने के लिए पेट्रोलिंग टीम को हाथियों का सहारा लेना पड़ा।

  2. फर्स्ट एड और बेहोशी: वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर ने मौके पर ही शावक को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर उसका प्राथमिक उपचार किया।

बेहतर इलाज के लिए रीवा भेजा गया

शावक की हालत नाजुक बनी हुई है। उसके अंडकोष और पिछले पैरों पर गंभीर जख्म हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे विशेष एम्बुलेंस के जरिए मुकुंदपुर चिड़ियाघर (रीवा) के अस्पताल भेजा गया है, जहाँ विशेषज्ञों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।


चिंता में विशेषज्ञ: आखिर कहाँ गई माँ?

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि 6 माह का शावक अपनी माँ के बिना असुरक्षित होता है। बाघिन अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। ऐसे में शावक का अकेला मिलना और उस पर हमला होना कई सवाल खड़े कर रहा है:


खबर का सारांश 

  • स्थान: भद्रशिला बीट, ताला परिक्षेत्र (बांधवगढ़)।

  • पीड़ित: 6 माह का बाघ शावक।

  • रेस्क्यू टीम: योहन कटारा (उप संचालक) और डॉ. राजेश तोमर।

  • वर्तमान स्थिति: शावक मुकुंदपुर में उपचाराधीन, बाघिन की तलाश जारी।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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