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झाबुआ में जहरीली गैस का तांडव: थांदला वाटर प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव से मची भगदड़; 50 से ज्यादा लोग बीमार, कई ‘ऑक्सीजन सपोर्ट’ पर, इंदौर से बुलाई गई एक्सपर्ट टीम

झाबुआ (थांदला)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला तहसील मुख्यालय पर शुक्रवार शाम एक बड़ा औद्योगिक हादसा टल गया, लेकिन जहरीली ...

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| सतना टाइम्स

झाबुआ (थांदला)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला तहसील मुख्यालय पर शुक्रवार शाम एक बड़ा औद्योगिक हादसा टल गया, लेकिन जहरीली गैस के रिसाव ने दर्जनों जिंदगियों को संकट में डाल दिया। पद्मावती नदी तट पर स्थित नगर परिषद के वाटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस सिलेंडर से रिसाव होने के कारण 7 कर्मचारियों सहित करीब आधा सैकड़ा लोग इसकी चपेट में आ गए। प्रभावितों को सांस लेने में भारी तकलीफ और आंखों में जलन के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

न्यूज़ हेडलाइंस

  • दहशत का साया: 1 किलोमीटर के दायरे में फैली जहरीली गैस; घरों से बाहर भागने लगे लोग।

  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स: एसडीएम, टीआई और नगर परिषद की टीमें मौके पर; इंदौर से विशेषज्ञों की विशेष टीम ने पाया काबू।

  • स्वास्थ्य अलर्ट: थांदला सिविल अस्पताल में घायलों का तांता; प्रशासन ने शुरू किया ‘डोर-टू-डोर’ हेल्थ सर्वे।

  • कड़ी चेतावनी: इंजीनियर बोले— “तकनीकी खराबी या लापरवाही? जांच के बाद दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई।”


शाम होते ही हवा में घुला ‘जहर’

घटना शुक्रवार शाम की है जब अचानक फिल्टर प्लांट से तीखी गंध उठने लगी।

  1. तेजी से फैला असर: देखते ही देखते गैस का असर प्लांट के आसपास की बस्तियों तक पहुँच गया। लोगों को दम घुटने जैसा अहसास हुआ और आंखों में तेज मिर्च जैसी जलन होने लगी।

  2. मची भगदड़: प्रभावित इलाके के लोग जान बचाने के लिए अपने घरों से बाहर खुले मैदानों की ओर भागने लगे। करीब 50 लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एम्बुलेंस और निजी वाहनों से अस्पताल पहुँचाया गया।

इंदौर और मेघनगर से पहुँची मदद

गैस रिसाव इतना गंभीर था कि स्थानीय अमला इसे रोकने में नाकाम रहा।

  • तकनीकी सहायता: स्थिति को देखते हुए मेघनगर की औद्योगिक इकाइयों से एक्सपर्ट्स बुलाए गए। साथ ही इंदौर से आई विशेष तकनीकी टीम ने रात करीब 9 बजे कड़ी मशक्कत के बाद लीकेज को पूरी तरह बंद किया।

  • प्रशासनिक मुस्तैदी: एसडीएम भास्कर गाचले और टीआई अशोक कनेश ने मोर्चा संभाला और प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया।


प्रशासनिक कार्रवाई और स्वास्थ्य जांच

नगर परिषद के इंजीनियर पप्पू बारिया ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि यह प्लांट की मशीनरी में तकनीकी खराबी भी हो सकती है या कर्मचारियों की लापरवाही, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग का एक्शन:

बीएमओ डॉ. डावर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्र में ‘डोर-टू-डोर’ सर्वे कर रही हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति गैस के धीमे असर (Slow Poisoning) से अछूता न रहे। कलेक्टर ने भी अस्पताल पहुँचकर घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।


खबर का सारांश 

  • स्थान: वाटर फिल्टर प्लांट, थांदला, जिला झाबुआ (मप्र)।

  • गैस का प्रकार: क्लोरीन (Chlorine Gas)।

  • प्रभावित: 50+ लोग (7 कर्मचारी शामिल)।

  • वर्तमान स्थिति: रिसाव बंद, इलाके में निगरानी जारी।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें