खरगोन (भगवानपुरा)। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी और हैरान कर देने वाली सफलता मिली है। भग्यापुर गांव के उप सरपंच शंकरलाल मालवीय के घर जब पुलिस ने दबिश दी, तो ऊपर से सामान्य दिखने वाले आंगन के नीचे शराब का बड़ा जखीरा छिपा मिला। आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए जमीन के अंदर पानी की टंकी बनाई थी और उसे मिट्टी से ढंक दिया था, ताकि किसी को भनक न लगे।

न्यूज़ हेडलाइंस
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शातिर चाल: घर के पीछे जमीन में टैंक बनाकर छिपाई थी देशी-विदेशी शराब; ऊपर से डाल दी थी मिट्टी।
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बड़ी खेप: पुलिस ने टैंक से 198 लीटर अवैध शराब जब्त की; कीमत करीब ₹68,625 आंकी गई।
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दागी जनप्रतिनिधि: उप सरपंच निकला आदतन अपराधी; पहले से दर्ज हैं आबकारी एक्ट के 6 मामले।
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कड़ी कार्रवाई: भीकनगांव एसडीओपी के नेतृत्व में हुई छापेमारी; आरोपी गिरफ्तार कर भेजा गया जेल।
मुखबिर की सूचना पर ‘पाताल’ में पहुंची पुलिस
भगवानपुरा थाना प्रभारी इलापसिंह मुजाल्दे को सटीक जानकारी मिली थी कि उप सरपंच के घर में नशे की बड़ी खेप डंप की गई है।
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तलाशी का मंजर: शुरुआत में घर में कुछ नहीं मिला, लेकिन जब पुलिस टीम घर के पीछे पहुँची, तो वहां जमीन का एक हिस्सा संदिग्ध लगा।
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टैंक का रहस्य: मिट्टी हटाने पर नीचे एक टैंक का ढक्कन दिखाई दिया। जैसे ही पुलिस ने उसे खोला, अंदर शराब के कार्टन और पाउच ठसाठस भरे मिले।
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लाइसेंस का अभाव: जब पुलिस ने उप सरपंच से दस्तावेज मांगे, तो वह बगले झांकने लगा। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस ने पूरी खेप जब्त कर ली।
पुलिस रिकॉर्ड में ‘आदतन अपराधी’ है उप सरपंच
जांच में यह भी सामने आया है कि 36 वर्षीय शंकरलाल मालवीय का दामन साफ नहीं है:
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पुराना इतिहास: आरोपी के खिलाफ पहले से ही आबकारी अधिनियम के तहत आधा दर्जन मामले दर्ज हैं।
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जिला बदर की कार्रवाई: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह इतना शातिर है कि उसे पूर्व में जिला बदर भी किया जा चुका है। इसके बावजूद उसने गांव के चुनाव जीतकर उप सरपंच का पद हासिल कर लिया।
प्रशासनिक रुख: “अभियान रहेगा जारी”
भीकनगांव एसडीओपी राकेश आर्य ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है।
“उप सरपंच ने पुलिस से बचने के लिए बड़ी चालाकी से जमीन के अंदर टंकी बनाई थी। उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। क्षेत्र में अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ हमारी यह मुहिम और तेज की जाएगी।”
— राकेश आर्य, एसडीओपी, भीकनगांव








