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नलखेड़ा में चैत्र नवरात्रि की धूम: मां बगलामुखी के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब; शत्रुभय से मुक्ति और ‘विजय’ की अटूट मान्यता

आगर मालवा। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध और प्राचीन सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में भक्तों का ...

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| सतना टाइम्स

आगर मालवा। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध और प्राचीन सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। ‘शत्रु नाशिनी’ और ‘पीताम्बरा’ स्वरूप मां बगलामुखी की इस चौखट पर रविवार को करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से किए गए अनुष्ठान से कोर्ट-कचहरी की बाधाएं दूर होती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

न्यूज़ हेडलाइंस

  • महाभारत कालीन इतिहास: पांडवों ने कौरवों पर विजय के लिए यहीं की थी शक्ति साधना।

  • तंत्र साधना का केंद्र: लखुंदर नदी के तट पर स्थित, श्मशान से घिरा प्राचीन सिद्धपीठ।

  • हवन का विशेष महत्व: प्रतिदिन करीब 1,000 श्रद्धालु करा रहे हैं विशेष अनुष्ठान।

  • VIP कल्चर पर रोक: भारी भीड़ को देखते हुए वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद, सभी भक्तों को समान व्यवस्था।


विजय की देवी: राजनेताओं और दिग्गजों का अटूट विश्वास

नलखेड़ा स्थित यह मंदिर अपनी चमत्कारिक शक्तियों के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी विख्यात है। यहाँ विराजित मां बगलामुखी की प्रतिमा स्वयं सिद्ध मानी जाती है।

मंदिर का स्वरूप और अलौकिक शक्ति

लखुंदर नदी के तट पर स्थित इस मंदिर में मां बगलामुखी के साथ दाईं ओर महालक्ष्मी और बाईं ओर मां सरस्वती विराजित हैं।


प्रशासनिक व्यवस्था: चाक-चौबंद सुरक्षा और भंडारा

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

  1. सुलभ दर्शन: गर्भगृह के बाहर से सभी भक्तों को दर्शन कराए जा रहे हैं ताकि कतारें निरंतर चलती रहें।

  2. सुविधाएं: परिसर में एलईडी स्क्रीन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।

  3. भंडारा: नवरात्रि के नौ दिनों तक रोजाना हजारों भक्त प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।

महाभारत से जुड़ा है गौरवशाली इतिहास

किवदंती है कि भगवान कृष्ण के निर्देश पर पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान विजय प्राप्ति के लिए यहाँ कठोर तपस्या की थी। तंत्र शास्त्र के अनुसार, यह स्थान अत्यंत जागृत है क्योंकि यह चारों ओर से श्मशान से घिरा हुआ है, जो इसे साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ बनाता है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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