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PARDI COMMUNITY: बिना पंडित के फेरे और ‘कन्या मूल्य’ की परंपरा; जानें ‘कुंभ गर्ल’ मोनालिसा के समाज के वो रिवाज, जो आज भी हैं बरकरार

प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आईं मोनालिसा भोंसले की अंतर्धार्मिक शादी ने जहाँ एक तरफ विवाद खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर ...

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| सतना टाइम्स

प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आईं मोनालिसा भोंसले की अंतर्धार्मिक शादी ने जहाँ एक तरफ विवाद खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर उनके पारदी समाज की अनूठी और प्राचीन परंपराएं भी लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई हैं। पारदी समाज हिंदू धर्म की मुख्यधारा से जुड़ा होने के बावजूद अपनी कुछ खास रीतियों के कारण अलग पहचान रखता है। महेश्वर के पारदी समाज में शादी केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि कुलदेवी के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है।

वर पक्ष देता है ‘धन’ (कन्या मूल्य)

आमतौर पर शादियों में दहेज का चलन है, लेकिन पारदी समाज में इसके उलट ‘कन्या मूल्य’ देने की परंपरा है:

  • कारण: इस समाज में लड़कियां ही परिवार का मुख्य सहारा और पालन-पोषण करने वाली मानी जाती हैं।

  • परंपरा: शादी के समय लड़के वालों (वर पक्ष) को लड़की वालों को एक तय राशि या मूल्य देना होता है। यदि लड़के वाले आर्थिक रूप से कमजोर हैं, तो पंचायत इसका समाधान तय करती है।

 चांदी की मूर्ति और कुलदेवी की पूजा

पारदी समाज में शादियां कुलदेवी के साये में संपन्न होती हैं:

बिना पंडित की शादी (प्राचीन रिवाज)

समाज के बुजुर्गों के अनुसार, पारदी समुदाय की शादियां पहले बिना पंडित के ही संपन्न होती थीं:

विधवा विवाह’ वर्जित और पंचायत का नियम

समाज के नियम आज भी काफी कड़े हैं:

  • विधवा विवाह: इस समुदाय में विधवा विवाह को किसी भी सूरत में मान्यता नहीं दी जाती।

  • भागकर शादी: यदि समाज का ही कोई लड़का-लड़की भागकर शादी कर ले, तो पंचायत बैठकर दोनों परिवारों में समझौता करवाती है और शादी को समाज की मंजूरी मिल जाती है।

  • बाहरी शादी पर पाबंदी: पारदी समाज में दूसरे समुदायों (विशेषकर दूसरे धर्म) में शादी करने की परंपरा बिल्कुल नहीं है।

3 दिन का उत्सव और शाकाहार

  • हल्दी की रस्म: शादी से पहले दो दिनों तक तीन बार हल्दी लगाई जाती है।

  • भोजन: वैवाहिक कार्यक्रमों के दौरान पूरी तरह शाकाहारी भोजन बनाया जाता है। मांसाहार केवल होली जैसे त्योहारों पर ही वर्जित नहीं होता।


मोनालिसा के समाज की झलक: एक नज़र में

परंपरा विवरण
कन्या मूल्य लड़के वाले लड़की वालों को धन/मूल्य देते हैं।
कुलदेवी चांदी की मूर्ति (तुलजा भवानी/कालिका माता) के सामने विवाह।
सहमति माता-पिता की पसंद सर्वोपरि मानी जाती है।
व्यवसाय देशभर में घूमकर माला और रुद्राक्ष बेचना।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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