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45 साल से मुंह में दबा रखी हैं 150 लोहे की कीलें, खाते-सोते भी नहीं निकालते बाहर; डॉक्टर्स भी हैरान

Satna Sanjay vishwakarma Pin man : सोचिए, अगर खाने के निवाले में एक छोटा सा कंकर भी आ जाए, तो हम बेचैन ...

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| सतना टाइम्स

Satna Sanjay vishwakarma Pin man : सोचिए, अगर खाने के निवाले में एक छोटा सा कंकर भी आ जाए, तो हम बेचैन हो जाते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के सतना शहर में एक शख्स ऐसा है, जिसने अपने मुंह को ही लोहे का गोदाम बना लिया है। 58 वर्षीय संजय विश्वकर्मा पिछले 45 सालों से अपने मुंह में लोहे और पीतल की पिन जमा करके रखे हुए हैं।

हैरानी की बात यह है कि यह संख्या एक या दो नहीं, बल्कि 150 से ज्यादा है। चाहे खाना खाना हो, पानी पीना हो या रात को गहरी नींद में सोना हो ये नुकीली पिन उनके मुंह से कभी बाहर नहीं आतीं है। मेडिकल साइंस के लिए संजय एक पहेली बने हुए हैं।

पान की लत से शुरू हुई पिन की कहानी

संजय बताते हैं कि इस अजीबोगरीब शौक की शुरुआत तब हुई जब वे महज 13 साल के थे। उन्हें पान खाने का जबरदस्त शौक था। अक्सर पान खाते वक्त सुपारी (कत्था) उनके दांतों में फंस जाती थी। उसे निकालने के लिए वे माचिस की तीली या अगरबत्ती की लकड़ी का इस्तेमाल करते थे, लेकिन वह बार-बार टूट जाती थी।तंग आकर एक दिन उन्होंने लकड़ी की जगह लोहे की पिन का इस्तेमाल किया। यह जुगाड़ उन्हें इतना भाया कि उन्होंने पिन को मुंह में ही रखना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे एक पिन से शुरू हुआ यह सिलसिला अब 150 पिनों के कलेक्शन तक पहुंच गया है।

चुपके से उठा लेते थे पिन

संजय के मुंह में पीतल, स्टील और लोहे की अलग-अलग डिजाइन की पिनें मौजूद हैं। दिलचस्प बात यह है कि 45 सालों में उन्होंने आज तक एक भी पिन दुकान से नहीं खरीदी। वे बताते हैं “मैं दर्जी की दुकानों, सरकारी दफ्तरों या किसी ऑफिस में जाता था, तो वहां मेज पर पड़ी पिन चुपके से उठा लेता था और सीधे मुंह के हवाले कर देता था।

डॉक्टर्स की रिपोर्ट ने सबको चौंकाया

कुछ साल पहले जब मीडिया की पहल पर जबलपुर के एक अस्पताल में संजय की जांच कराई गई, तो डॉक्टर्स भी रिपोर्ट देखकर दंग रह गए। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। डॉक्टर्स ने बताया कि संजय मुंह के जिस हिस्से से पान चबाते हैं, वहां चूने की वजह से गाल और दांतों को काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन मुंह का वह कोना, जहां वे 150 से ज्यादा नुकीली पिन दबाकर रखते हैं, वहां एक खरोंच का निशान भी नहीं है। वह हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है।

जब एयरपोर्ट पर अटक गईं सांसे

संजय ने एक दिलचस्प वाकया साझा किया। एक बार वे हवाई यात्रा कर रहे थे। एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेक के दौरान उन्हें पसीना आने लगा। उन्हें डर था कि मेटल डिटेक्टर मुंह के अंदर छिपी पिन को पकड़ लेगा और सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर निकलवा देंगे। हालांकि, किस्मत से वे बिना किसी परेशानी के वहां से निकल गए और उनकी ‘पिन’ उनके साथ ही रही। शुरुआत में परिवार और माता-पिता ने इस जानलेवा आदत का विरोध किया था, लेकिन अब यह संजय की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। शहर में अब लोग उन्हें उनके नाम से कम और ‘पिन वाले संजय’ के नाम से ज्यादा जानते हैं।

बेटा – बेटी और पत्नी को नही है पिन से कोई समस्या

वही, मुंह में 150 से ज्यादा लोहे की पिन दबाकर रखने वाले सतना के संजय विश्वकर्मा की इस अजीबोगरीब आदत को अब उनके परिवार ने भी पूरी तरह अपना लिया है। संजय के भरे-पूरे परिवार में उनकी पत्नी नीलू विश्वकर्मा, बेटा शिवांश और बेटी शिवानी हैं।अक्सर लोग सोचते हैं कि मुंह में नुकीली पिन रखने वाले शख्स के साथ रहना कितना मुश्किल होगा, लेकिन संजय की पत्नी नीलू का जवाब सबको हैरान कर देता है। उन्होंने कहा, “मुझे न तो इन पिनों से कोई समस्या है और न ही अपने पति संजय से। हम बिल्कुल सामान्य जिंदगी जीते हैं।”

जाहिर है, 45 साल पुरानी इस आदत के साथ संजय ने न केवल खुद को ढाला है, बल्कि उनका परिवार भी इसमें उनका पूरा साथ देता है और इसे उनकी दिनचर्या का हिस्सा मान चुका है।

पिछले पाँच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय जयदेव विश्वकर्मा, जनसरोकार और जमीनी हकीकत की आवाज़ हैं। सामाजिक सरोकार, सकारात्मक पहल, राजनीति, स्वास्थ्य और आमजन से जुड़े मुद्दों पर इनकी पकड़ गहरी है। निष्पक्षता और सटीक ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले जयदेव, जनता के असली सवालों को सामने लाने में यक़ीन रखते हैं।... और पढ़ें