भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून जैसी गतिविधियों ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और विदर्भ के पास बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण पूरा प्रदेश अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। अगले 48 घंटों तक प्रदेश के 36 से अधिक जिलों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

न्यूज़ हेडलाइंस
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तूफानी अलर्ट: अगले 24-48 घंटों में जबलपुर, शहडोल और विंध्य क्षेत्र में तेज बारिश की संभावना।
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पारा गिरा: बादलों और बारिश के चलते दिन के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज।
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नया सिस्टम: 11 अप्रैल 2026 से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा।
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किसानों को सलाह: कटी हुई फसल और गेहूं के भंडारण को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश।
क्षेत्रवार मौसम का पूर्वानुमान
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पूर्वी एवं दक्षिण MP (जबलपुर, शहडोल, मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल): यहाँ अच्छी बारिश और तेज गर्जना के साथ ओलावृष्टि की अधिक संभावना है।
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मध्य एवं पश्चिम MP (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास): यहाँ बारिश की संभावना कम है, लेकिन 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली गिरने की आशंका है।
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बुंदेलखंड एवं ग्वालियर-चंबल: इस क्षेत्र में धूप-छांव के बीच आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा।
क्यों बदला मौसम
रिटायर्ड मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र नायक के अनुसार, इस समय वायुमंडल में एक साथ कई तंत्र सक्रिय हैं:
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बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ का मेल।
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उत्तर-पूर्व विदर्भ के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर बना चक्रवाती परिसंचरण।
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ऊपरी स्तर पर जेट स्ट्रीम का ऊर्जा सपोर्ट, जो आंधी-बारिश के लिए आदर्श स्थिति बना रहा है।
किसानों के लिए जरूरी सूचना
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष चेतावनी दी है:
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फसल सुरक्षा: कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें, उसे तिरपाल या सुरक्षित स्थान पर रखें।
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मंडी अपडेट: गेहूं की ढुलाई और भंडारण के समय मौसम की स्थिति का ध्यान रखें ताकि उपज भीगने से बच सके।
खबर का सारांश
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अलर्ट की अवधि: अगले 48 घंटे (अस्थिर मौसम)।
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मुख्य कारण: पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण।
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तापमान: 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट, लेकिन उमस बरकरार।
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अगला बदलाव: 11 अप्रैल से नया सिस्टम सक्रिय होगा।








