बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की कलेक्टर जयति सिंह साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गई हैं। जालसाजों ने कलेक्टर का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके नाम और फोटो का दुरुपयोग करते हुए लोगों से पैसों की मांग शुरू कर दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ लोगों के पास कलेक्टर के कथित नंबर से “मदद” के मैसेज पहुँचे। प्रशासन ने तत्काल हरकत में आते हुए आमजन को सतर्क रहने और किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन न करने की अपील की है।

न्यूज़ हेडलाइंस
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साइबर स्ट्राइक: कलेक्टर जयति सिंह के नाम से भेजे गए मैसेज— “हेलो, कुछ हेल्प चाहिए.. कुछ पैसे का अर्जेंट है।”
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तत्काल एक्शन: साइबर सेल एक्टिव; संदिग्ध नंबर को ब्लॉक कराने और आरोपियों को ट्रेस करने की कार्रवाई जारी।
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बड़वानी SP का बयान: “मामले की जांच शुरू कर दी गई है, जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।”
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हाई-प्रोफाइल मामला: कलेक्टर जयति सिंह के पति शिवम वर्मा इन्दौर के कलेक्टर हैं, दोनों ही IAS अधिकारी हैं।
कैसे हुआ खुलाशा
जालसाजों ने कलेक्टर जयति सिंह की डीपी (Profile Picture) लगाकर लोगों को मैसेज भेजना शुरू किया।
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झांसा: मैसेज में लिखा गया कि “मेरा यूपीआई (UPI) काम नहीं कर रहा है, बहुत अर्जेंट है, कुछ पैसों की मदद चाहिए।”
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संदेह: जब एक व्यक्ति को यह मैसेज मिला, तो उसे संदेह हुआ। उसने तत्काल इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों और स्वयं कलेक्टर तक पहुँचाई, जिसके बाद इस बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ।
प्रशासन और पुलिस की अपील
जैसे ही मामले की गंभीरता सामने आई, जिला जनसंपर्क विभाग और कलेक्टर के अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल से सूचना जारी की गई:
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सतर्क रहें: “यदि कलेक्टर के नाम से कोई व्हाट्सएप मैसेज या कॉल कर पैसे मांगता है, तो किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन न करें।”
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साइबर सेल को सूचना: संदिग्ध मैसेज या कॉल आने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।
पुलिस अधीक्षक का बयान
बड़वानी एसपी पदम् विलोचन शुक्ला ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा:
“कलेक्टर महोदया के व्हाट्सएप अकाउंट के साथ छेड़छाड़ की जानकारी मिलने पर साइबर टीम को एक्टिव कर दिया गया है। टेक्निकल इनपुट के आधार पर जांच जारी है। अपराधियों तक पहुँचने के लिए टीमें काम कर रही हैं।”
दंपति दोनों IAS, इन्दौर-बड़वानी का कनेक्शन
बता दें कि जयति सिंह सितंबर 2025 में बड़वानी कलेक्टर के रूप में पदस्थ हुई थीं। उनके पति शिवम वर्मा वर्तमान में इन्दौर के कलेक्टर हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है कि जब जिले के सर्वोच्च अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता कितनी संवेदनशील है।
खबर का सारांश
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पीड़ित: जयति सिंह (IAS, कलेक्टर बड़वानी)।
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तरीका: व्हाट्सएप हैक कर पैसों की मांग।
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बहाना: UPI फेल होने का तकनीकी कारण।
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वर्तमान स्थिति: साइबर पुलिस द्वारा जांच और अलर्ट जारी।








