शाजापुर: मध्य प्रदेश के शाजापुर में अवैध कटाई, नशे के कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा और शालीनता भरा दृश्य देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर वन विभाग की अधिकारी (DFO) को बैठाकर अपनी मांगे सुनाईं, जिस पर महिला DFO ने भी शालिनता दिखाते हुए उनके सामने सड़क पर बैठना स्वीकार किया।
एबी रोड पर चक्काजाम और शालीन विरोध
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मुद्दे: हिंदू संगठन शहर और जिले में पेड़ों की अवैध कटाई, लकड़ियों का अवैध परिवहन, नशीले पदार्थों का विक्रय, जुआ-सट्टा और अन्य अवैध धंधों के संचालन पर रोक की मांग कर रहे थे।
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विरोध: संगठनों ने पहले वन विभाग के एबी रोड स्थित कार्यालय पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
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आक्रोश: ज्ञापन देने के समय DFO के मौजूद न होने पर पदाधिकारी आक्रोशित हो गए और एबी रोड पर चक्काजाम कर दिया।
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शालीनता: कुछ देर बाद महिला DFO मौके पर पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बैठने के लिए कहा: “मैडम! हम तो काफी देर से रोड पर बैठे हैं, आप भी थोड़ी देर बैठ जाईये।” महिला DFO ने यह सुनकर सड़क पर ही बैठना स्वीकार किया।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोड पर बैठकर ही ज्ञापन का वाचन किया और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
हिंदू जागरण मंच की चेतावनी और आरोप
प्रदर्शन के बाद हिंदू संगठन एसपी ऑफिस पहुंचे और एएसपी घनश्याम मालवीय को ज्ञापन सौंपा। हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी अनूप किरकिरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी:
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वन विभाग पर आरोप: किरकिरे ने कहा कि शहर और जिले में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हो रही है, और वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सुस्ती और लापरवाही बरत रहे हैं। रात के समय अवैध लकड़ी से भरे ट्रैक्टरों का परिवहन हो रहा है और अधिकारी मौन हैं।
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पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: उन्होंने कहा कि पुलिस की सुस्ती के कारण अवैध मादक पदार्थों (स्मैक, ड्रग्स, गांजा) का क्रय-विक्रय, जुआ-सट्टे का संचालन हो रहा है। उन्होंने हाल ही में राज्य साइबर सेल द्वारा बाहर से आकर एक फर्जी कॉल सेंटर पर की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए स्थानीय पुलिस की ईमानदारी पर शंका व्यक्त की।
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चेतावनी: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध पेड़ कटाई और अवैध कारोबार पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो सर्व हिंदू समाज के साथ मिलकर शाजापुर शहर बंद किया जाएगा और सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के हरियाली बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद शाजापुर में पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचाने पर चिंता व्यक्त की।








