सतना: राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई की गांजा तस्करी में गिरफ्तारी के बाद सतना में राजनीतिक तापमान बहुत बढ़ गया है। मंगलवार को युवक कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। सिविल लाइन चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भीषण झड़प और धक्का-मुक्की हुई, जिसके परिणामस्वरूप एक कार्यकर्ता नाले में गिर गया।
पुतला छीनने की कोशिश में भगदड़
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प्रदर्शन का नेतृत्व: युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सिविल लाइन चौक पर जमा हुए।
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टकराव: कार्यकर्ता मंत्री प्रतिमा बागरी का पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
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झूमा-झपटी: जैसे ही सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह और टीआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और झूमा-झपटी शुरू हो गई।
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हादसा: पुलिस जब भीड़ को तितर-बितर कर रही थी, तभी भागते समय एक प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता श्रेयांश त्रिपाठी का संतुलन बिगड़ा और वह पास के खुले नाले में गिर गया। गनीमत रही कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई और उसके साथियों ने उसे तुरंत बाहर निकाल लिया।
कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्वतंत्र मिश्रा ने भाजपा सरकार पर ‘नशामुक्ति के ढोंग’ का आरोप लगाते हुए हमला बोला:
“एक तरफ मोहन यादव की सरकार प्रदेश में नशामुक्ति अभियान चलाकर वाहवाही लूट रही है, वहीं दूसरी तरफ उनकी ही कैबिनेट मंत्री के सगे भाई और बहनोई गांजा और नशीली दवाओं की तस्करी कर रहे हैं। मंत्री को नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।”
क्या है पूरा मामला?
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गिरफ्तारी: रविवार रात रामपुर बाघेलान पुलिस ने पंकज सिंह के घर छापा मारकर 46 किलो गांजा जब्त किया था।
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आरोपी: पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गांजा राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेंद्र सिंह का है।
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कार्रवाई: पुलिस ने अनिल बागरी समेत अन्य आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।








