सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है। शासकीय इंदिरा कन्या महाविद्यालय में परीक्षा परिणामों में भारी गड़बड़ी सामने आने के बाद 400 से अधिक छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इनमें 10वीं-12वीं में टॉप करने वाली छात्राएं भी शामिल हैं, जिन्हें या तो शून्य (Zero) अंक दिए गए हैं या फिर अनुपस्थित (Absent) करार दिया गया है।
ABVP के बैनर तले तालाबंदी और प्रदर्शन
परीक्षा परिणामों में हुई इस गंभीर अनियमितता के विरोध में छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बैनर तले छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन और संबंधित विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
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विरोध का तरीका: छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और स्टेशन रोड पर बैठकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
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परिणाम: करीब 3 घंटे तक महाविद्यालय के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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प्रदर्शनकारी छात्राएं: छात्राएं अपने हाथों में अंकसूचियां लेकर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं।
जीरो नंबर और एब्सेंट: छात्राओं का आरोप
छात्राओं का मुख्य आरोप है कि उन्होंने पूरी लगन से परीक्षा दी, लेकिन परिणाम चौंकाने वाले आए।
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गड़बड़ी: 400 से अधिक छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने के बावजूद शून्य अंक दिए गए या उन्हें अनुपस्थित दिखाया गया।
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भविष्य से खिलवाड़: छात्रा संध्या पांडेय ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि जब छात्राएं अपनी समस्या लेकर प्राचार्य या प्रबंधन के पास जाती हैं, तो उन्हें यूनिवर्सिटी की गलती बताकर टाल दिया जाता है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत
छात्राओं के इस बड़े विरोध प्रदर्शन और कॉलेज में तालाबंदी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया।
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प्रशासनिक हस्तक्षेप: हंगामा शांत कराने के लिए एसडीएम राहुल सिलाडिया और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
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नोक-झोंक: इस दौरान पुलिस, एसडीएम और प्रदर्शनकारी छात्राओं के बीच हल्की तीखी नोक-झोंक भी हुई।
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ज्ञापन: ABVP कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम राहुल सिलाडिया ने मीडिया को बताया कि छात्राओं ने रिजल्ट में गड़बड़ी के अलावा कॉलेज में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत भी की है। प्रशासन ने जल्द ही यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रबंधन से बात करके इन समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।








