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272 साल की अनोखी परंपरा: शाजापुर में आधी रात को हुआ ‘कंस वध’, बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश

शाजापुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में 272 साल पुरानी और अनोखी ‘कंस वध’ परंपरा का निर्वहन शुक्रवार की रात ...

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| सतना टाइम्स

शाजापुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में 272 साल पुरानी और अनोखी ‘कंस वध’ परंपरा का निर्वहन शुक्रवार की रात पूरे जोश के साथ किया गया। यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत के शाश्वत संदेश को जीवंत करता है।

आधी रात को कंस का वध और पुतले को पीटना

  • वध का समय: शुक्रवार रात ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण ने पौराणिक कथाओं की तर्ज़ पर कंस का वध किया।
  • अनोखी परंपरा: वध के बाद, गवली समाज के लोगों ने कंस के पुतले को लाठियों से पीटते हुए शहर की नई सड़क पर ले जाकर एक बिल्डिंग के ऊपर टांग दिया। यह प्रतीकात्मक क्रिया लोगों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र रही।
  • रंगमंच का मंचन: इस बार पहली बार, ग्राम खोरिया एमा के रंगमंच कलाकारों ने भी आयोजन में भाग लिया और आजाद चौक में नाटक का मनमोहक मंचन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

मथुरा से प्रेरित है यह आयोजन

यह अनोखा ‘कंस वध’ आयोजन उत्तर प्रदेश के मथुरा में होने वाले ऐसे ही आयोजन से प्रेरित है।

  • प्रेरणा स्रोत: करीब 272 वर्ष पहले, गोवर्धननाथ मंदिर के मुखिया स्व. मोतीराम मेहता ने मथुरा के आयोजन को देखा था और शाजापुर में इसे शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी।
  • शुरुआत: शुरुआत में यह परंपरा सोमवारिया क्षेत्र में मंदिर परिसर में रासलीला के रूप में शुरू हुई और धीरे-धीरे सोमवारिया बाजार में आयोजित होने लगी।

संवाद और वाक-युद्ध का आनंद

शुक्रवार देर रात बालवीर हनुमान मंदिर से एक भव्य चल समारोह शुरू हुआ, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए आजाद चौक पहुँचा।

  • यहां कंस और श्रीकृष्ण, उनके सेनापतियों और सैनिकों के बीच तीखे व्यंग्य और संवाद हुए, जिसे देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह था।
  • देव-दानवों की टोलियाँ: आयोजन के दौरान देव-दानवों की टोलियाँ शहर के मुख्य मार्गों से निकलीं। दानव बने कलाकार अट्टहास कर रहे थे, जबकि श्रीकृष्ण के सखा जयकार लगाते हुए साथ चल रहे थे।
  • संदेश: आयोजन समिति के अध्यक्ष तुलसीराम भावसार ने बताया कि यह आयोजन अहंकार और अत्याचार के निश्चित अंत को दर्शाता है, और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा धर्मयुद्ध और न्याय के संदेश को आज भी जीवंत रखता है।

 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें