हाँ, मैं आपको इस घटना को एक समाचार रिपोर्ट के रूप में शीर्षक के साथ प्रस्तुत करता हूँ।
जबलपुर, मध्य प्रदेश: दीपोत्सव 2025 के भव्य आयोजन से ठीक पहले, जबलपुर के गौरीघाट क्षेत्र में सनसनीखेज और विवादास्पद पोस्टर मिलने से शहर में तनाव का माहौल बन गया। इन पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में लिखा था, ‘MILK IS NOT VEGETARIAN (दूध शाकाहार नहीं है)’। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन पोस्टरों को जब्त कर तीन युवकों को हिरासत में लिया है।
देर रात लगाए जा रहे थे पोस्टर
पुलिस को शनिवार देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच सूचना मिली कि कुछ युवक एक छोटे हाथी वाहन में पोस्टर रखकर सड़क किनारे चिपका रहे हैं। मौके पर पहुंचे सीएसपी महादेव नगोतिया और थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने जब युवकों से नगर निगम की अनुमति के दस्तावेज मांगे, तो वे कोई वैध कागजात नहीं दिखा पाए। इसके बाद पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया और उनकी गाड़ी समेत 50 से अधिक पोस्टर जब्त कर लिए।
भोपाल की एजेंसी पर आरोप
पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने बताया कि उन्हें यह काम भोपाल की ‘प्रिंस इंटरप्राइजेस’ कंपनी के मालिक विपुल पांडे ने दिया था। युवकों ने यह भी जानकारी दी कि वे इससे पहले फ्लाईओवर ब्रिज के उद्घाटन के समय भी पोस्टर लगा चुके हैं। जब्त किए गए पोस्टरों पर प्रकाशक या कंपनी का नाम नहीं होने के कारण इनकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और इसके पीछे के इरादों को लेकर संदेह गहरा गया है।

दीपोत्सव से पहले तनाव
पुलिस का कहना है कि गौरीघाट वह क्षेत्र है जहाँ रविवार शाम को दीपोत्सव 2025 का बड़ा आयोजन होना है, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसी रूट पर मंत्रीगण और अन्य जनप्रतिनिधियों के स्वागत मंच भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे विवादास्पद पोस्टर जानबूझकर इस संवेदनशील समय में लगाकर शहर की फिजा बिगाड़ने और लोगों में भ्रम व तनाव फैलाने की कोशिश की गई है।
पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है और मामले की गहन जांच की जा रही है कि इन पोस्टरों के पीछे किसका हाथ है और उनका असली मकसद क्या है।








