होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म
गूगल न्यूज़ में हमारे साथ जुड़ें

सरकारी हॉस्टल के खाने में कीड़ा! रीवा के एक्सीलेंस स्कूल हॉस्टल में छात्राओं का हंगामा, एक छात्रा बीमार; वार्डन पर मामले को दबाने का आरोप

रीवा। शासकीय एक्सीलेंस मार्तंड क्रमांक-1 बालिका छात्रावास में सोमवार को दोपहर के भोजन में परोसी गई दाल में ‘कीड़ा’ (खनखजूर) निकलने से ...

विज्ञापन

Updated on:

| सतना टाइम्स

रीवा। शासकीय एक्सीलेंस मार्तंड क्रमांक-1 बालिका छात्रावास में सोमवार को दोपहर के भोजन में परोसी गई दाल में ‘कीड़ा’ (खनखजूर) निकलने से हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद छात्राओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और वार्डन पर मामले को दबाने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है।

कीड़ा देख छात्राओं में हड़कंप, एक छात्रा हुई बीमार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के भोजन के दौरान जैसे ही छात्राओं ने दाल की प्लेट में कीड़ा देखा, हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्राएं घबराहट में रोने लगीं। घटना का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि अनजाने में वही दाल खाने से एक छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं।

वार्डन पर मामले को दबाने का आरोप

छात्राओं ने तत्काल वार्डन को इस बारे में सूचित किया, लेकिन उनका आरोप है कि वार्डन ने शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की और छात्राओं को शांत रहने के लिए कहा। इससे छात्राओं का गुस्सा और भड़क गया। छात्राओं ने तुरंत मोबाइल से वीडियो और तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं,

जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया।

घटना की जानकारी मिलते ही कई छात्र संगठनों के पदाधिकारी हॉस्टल पहुंचे और हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी खाने में बाल, पत्थर, कीड़े और खराब तेल की शिकायतें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार विभाग सिर्फ जांच का आश्वासन देकर मामले को रफा-दफा कर देता है।

छात्राओं ने सख्त लहजे में कहा,

“हर दिन डर के साथ खाना खाते हैं। कभी बाल, कभी बदबूदार तेल, अब कीड़े निकलने लगे हैं, अब हमारा भरोसा उठ गया है।” उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगी।

जांच के लिए सैंपल लैब भेजने की तैयारी

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचने की तैयारी में हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भोजन का सैंपल जांच के लिए लैब भेजने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर सरकारी छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा, “हमें पूरे मामले की जानकारी मिली है। शिक्षा विभाग से प्रतिवेदन मांगा गया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

×

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram

Home

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram