BJP Leader Shankarlal Tiwari : एमपी मेँ सतना जिले की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। सतना विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे वरिष्ठ भाजपा नेता शंकरलाल तिवारी का रविवार दोपहर दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया है। वे 72 वर्ष के थे और लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से सतना के राजनीतिक गलियारों और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।सतना के लोग उन्हें स्नेह से ‘बाबू’ कहकर पुकारते थे।

आपातकाल में 18 महीने रहे जेल में
8 अप्रैल 1953 को सतना के चकदही गांव में जन्मे शंकरलाल तिवारी अपनी बेबाक और स्पष्टवादी शैली के लिए जाने जाते थे। बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े तिवारी ने आपातकाल के दौरान मुखर विरोध किया, जिसके चलते उन्हें मीसा के तहत 18 महीने रीवा, टीकमगढ़ और सतना की जेलों में रहना पड़ा था।बताया जा रहा है कि तिवारी पिछले काफी समय से अस्वस्थ थे और बीते एक सप्ताह से वे बोल भी नहीं पा रहे थे। उनके निधन से सतना भाजपा ने अपना एक मजबूत स्तंभ खो दिया है।
ऐसा रहा राजनीतिक सफर
जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने भाजपा में अपनी सक्रियता बढ़ाई और विभिन्न पदों पर कार्य किया। 1998 में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद, उन्होंने भाजपा के टिकट पर 2003, 2008 और 2013 में लगातार तीन बार सतना विधानसभा सीट पर जीत का परचम लहराया।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शंकरलाल तिवारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि, “वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सतना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री शंकरलाल तिवारी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”







