इंदौर: मध्य प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी टैक्स चोरी और जीएसटी (GST) की सबसे बड़ी टैक्स डिमांड का मामला सामने आया है। सेंट्रल जीएसटी एवं एक्साइज कमिश्नरेट इंदौर ने गुटखा और पान मसाला कारोबारी किशोर वाधवानी और उनके समूह को ₹2002 करोड़ का डिमांड नोटिस जारी किया है।
₹2002 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस
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मुख्य आरोपी: किशोर वाधवानी (‘गुटखा किंग’) और उनके फर्म/समूह।
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टैक्स चोरी की अवधि: जुलाई 2017 से जून 2020 के बीच।
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आरोप: अवैध गुटखा/पान मसाला निर्माण और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों में टैक्स चोरी।
| टैक्स का विवरण | राशि (₹ करोड़ में) |
| जीएसटी (GST) चोरी | ₹1946 करोड़ |
| एक्साइज ड्यूटी बकाया | ₹75.67 करोड़ |
| कुल डिमांड नोटिस | ₹2002 करोड़ |
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में अवैध तंबाकू कारोबार और टैक्स चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
मामला सुप्रीम कोर्ट से हुआ खारिज
यह कार्रवाई बीते साल 2020 में वाधवानी समूह पर की गई छापेमारी के बाद शुरू हुई थी, जिसमें विक्रय में बड़ी अनियमितताएं सामने आईं थी:
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कानूनी लड़ाई: नोटिस मिलने के बाद वाधवानी और एलोरा ग्रुप ने इस कार्रवाई के खिलाफ पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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कोर्ट का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों वाधवानी की याचिका खारिज कर दी। वहीं, हाईकोर्ट ने याचिका लगाकर बेवजह मामला अटकाने के मामले में याचिकाकर्ता पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया था।
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ED की कार्रवाई: इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले में वाधवानी समूह की करोड़ों की संपत्ति पहले ही अटैच कर चुका है।
जीएसटी विभाग ने यह नोटिस एलोरा टोबेको, दबंग दुनिया पब्लिकेशन सहित वाधवानी और उनसे जुड़े लोगों को भेजा है।








