उमरिया (मध्य प्रदेश): ‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) में एक और युवा बाघ की मौत हो गई है। लगभग दो वर्ष की उम्र का यह बाघ, जिसकी दो दिन से निगरानी की जा रही थी, शुक्रवार दोपहर मृत पाया गया। पिछले दो महीने में इस रिजर्व में करीब चार बाघों की मौत हो चुकी है, जो वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
दो दिन से एक ही स्थान पर था मौजूद
यह घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र के कुसमहा क्षेत्र में हुई। वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि एक युवा बाघ लेंटाना झाड़ियों में बैठा हुआ है और पिछले दो दिनों से उसने अपनी जगह नहीं बदली है। सूचना के बाद बीटीआर की टीम ने लगातार दूर से उसकी निगरानी शुरू कर दी थी।
शुक्रवार दोपहर को निगरानी के दौरान ही बाघ ने दम तोड़ दिया।
पीएम के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
फिलहाल, मृत बाघ का जेंडर और उसकी मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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क्षेत्र संचालक डॉक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि मृत बाघ शावक की उम्र लगभग दो वर्ष के आसपास है और यह पतौर रेंज के ग्राम कुसमहा कृषि राजस्व क्षेत्र में पाया गया है।
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घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया की जा रही है।
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शनिवार को सक्षम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में मृत बाघ का पंचनामा तैयार कर शव परीक्षण (PM) किया जाएगा।
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मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए नमूने (सैंपल) एकत्र कर लैब भेजे जाएंगे।
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परीक्षण के बाद नियमानुसार मृत बाघ का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बाघों की लगातार हो रही मौतें टाइगर स्टेट के दर्जे के लिए एक बड़ा झटका है और वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही हैं








