मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को संपन्न हो गया। सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ₹13,476.94 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया। सीएम यादव ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
द्वितीय अनुपूरक बजट की प्रमुख विशेषताएं
द्वितीय अनुपूरक अनुमान (Supplementary Estimates) में कुल ₹13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि मुख्य रूप से केंद्र और राज्य की प्रमुख कल्याणकारी और विकास योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
| व्यय मद | आवंटित राशि | उद्देश्य |
| प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) | ₹4,000 करोड़ | ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को गति देना। |
| उपार्जन संस्थाओं को ऋण | ₹2,000 करोड़ | किसानों से फसल उपार्जन (खरीद) और संबंधित संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना। |
| मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना | ₹1,794 करोड़ | महिला सशक्तिकरण और योजना की नियमित किस्तों का भुगतान। |
| 15वां वित्त आयोग | ₹1,633 करोड़ | मूलभूत जन सुविधाओं के विकास के लिए स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं, नगर पंचायत, पंचायतों) को आवंटित करना। |
| पूंजीगत मद (Capital Expenditure) | ₹5,028.37 करोड़ | उद्योग, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण स्थायी विकास कार्यों में निवेश। |
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्वीकृतियां मध्य प्रदेश को विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर करेंगी।
विधानसभा सत्र का अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
द्वितीय अनुपूरक बजट के साथ ही शीतकालीन सत्र में एक महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किया गया:
-
मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक 2025: इस विधेयक में नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से (Direct Election) करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय निकायों के कार्य में आ रही समस्याएं कम होंगी और वे स्वतंत्र रूप से तेज गति से कार्य कर सकेंगे।
सीएम यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों का आभार व्यक्त किया, जिसके कारण यह सत्र गरिमामय ढंग से संचालित हो सका।








