होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

‘पश्चिमी देशों ने दबाव बनाया, लेकिन हम भारत के साथ…’, US प्रतिबंधों पर रूसी राजदूत का बयान; ट्रंप भी रह जाएंगे हैरान!

नई दिल्ली:यूक्रेन युद्ध के बीच पश्चिमी देशों और अमेरिका द्वारा लगाए गए तमाम प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए भारत और रूस की ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

नई दिल्ली:यूक्रेन युद्ध के बीच पश्चिमी देशों और अमेरिका द्वारा लगाए गए तमाम प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए भारत और रूस की दोस्ती नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने एक बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि पश्चिमी देशों की तमाम रुकावटों के बावजूद रूस, भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता (Top Oil Supplier) बना हुआ है।

रूसी राजदूत का यह बयान ऐसे समय आया है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अगले महीने भारत दौरे की संभावना जताई जा रही है। इस दौरे से पहले रूस ने भारत के सामने एक ऐसा सैन्य प्रस्ताव भी रखा है, जो अमेरिकी रक्षा जानकारों की नींद उड़ा सकता है।

प्रतिबंध बेअसर: भारत को मिलती रहेगी ‘बेस्ट डील’

डेनिस अलिपोव ने कहा कि पश्चिमी देश लगातार भारत पर यह दबाव बनाते रहे हैं कि वह रूस से एनर्जी और तेल न खरीदे। लेकिन भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए दो टूक जवाब दिया है।

  • सस्ता तेल जारी रहेगा: अलिपोव ने भरोसा दिलाया कि मॉस्को, नई दिल्ली को ऊर्जा संसाधनों की खरीद में बेहतरीन डिस्काउंट और अच्छी डील देता रहेगा।

  • रिकॉर्ड तोड़ व्यापार: पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच सहयोग कई गुना बढ़ा है, जिसका श्रेय काफी हद तक पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार करने की भारत की नीति को जाता है।

US प्रतिबंधों पर रूस का पलटवार

अमेरिका द्वारा रूसी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट (Rosneft) और लुकोइल (Lukoil) पर लगाए गए ताजा प्रतिबंधों पर भी अलिपोव ने प्रतिक्रिया दी।

  • रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, अलिपोव ने माना कि अमेरिका के इस कदम से सप्लाई लॉजिस्टिक्स पर थोड़ा असर पड़ सकता है।

  • हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को दरकिनार कर लगाए गए इन “अवैध और एकतरफा प्रतिबंधों” को भारत मान्यता नहीं देता है। इसलिए, रूस भारत का प्रमुख तेल सप्लायर बना रहेगा।

भारत को सबसे घातक फाइटर जेट देने की पेशकश

इस कूटनीतिक जीत के साथ ही रूस ने भारत की सैन्य ताकत को आसमान में अजेय बनाने के लिए एक बड़ा कार्ड खेला है।

  • Su-57 की पेशकश: रूस ने अपनी पांचवीं पीढ़ी के सबसे उन्नत Su-57 स्टील्थ लड़ाकू विमान (Su-57 Stealth Fighter Jet) की तकनीक भारत को देने की पेशकश की है।

  • अगर यह डील होती है, तो भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और यह क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदल सकता है।

पश्चिमी एजेंडे को भारत ने किया खारिज

अलिपोव ने भारत-रूस संबंधों को कमजोर करने की पश्चिमी देशों की कोशिशों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “भारत ने पश्चिमी देशों द्वारा अपने मुद्दे थोपने की कोशिशों का मजबूती से मुकाबला किया है।” पुतिन के संभावित भारत दौरे से पहले यह बयान दर्शाता है कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते और भी रणनीतिक होने वाले हैं।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें